पावर प्लांट लेबर कॉलोनी में इलेक्ट्रिशियन की संदिग्ध मौत, कमरे में पड़ी मिलीं दवाइयां
रात में मजदूरों के साथ खाना खाने के बाद कमरे में सोने गया था रामप्यारे चौधरी, सुबह बेजान मिला शव; पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज, कंपनी ने तत्काल 50 हजार रुपये की मदद


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर बिजली परियोजना के अंतर्गत मजदूरों के लिए बनाए गए सरेंजा लेबर कॉलोनी में सोमवार की सुबह एक 50 वर्षीय मजदूर की संदिग्ध परिस्थिति में मौत से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान अरवल जिले के डकरा इब्राहिमपुर गांव निवासी जीतन चौधरी के पुत्र रामप्यारे चौधरी के रूप में हुई है। वह पिछले करीब दो वर्षों से एलएंडटी कंपनी के अधीन खुशी कंस्ट्रक्शन में इलेक्ट्रिशियन के पद पर कार्यरत था। इससे पहले भी वह दूसरी कंपनी के माध्यम से बिजली परियोजना में काम कर चुका था।
घटना की सूचना मिलते ही राजपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
रात में खाना खाने के बाद कमरे में सोने गया था मजदूर
साथ में काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि रविवार की शाम रामप्यारे चौधरी ने अन्य मजदूरों के साथ खाना खाया था। खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। सोमवार की सुबह काफी देर तक जब वह कमरे से बाहर नहीं निकला तो आसपास रहने वाले मजदूरों को संदेह हुआ। मजदूरों ने कमरे के अंदर झांककर देखा तो रामप्यारे चौधरी बेजान अवस्था में पड़ा था। इसके बाद तत्काल लेबर कॉलोनी के गार्ड को घटना की जानकारी दी गई। गार्ड की सूचना पर राजपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की।
कमरे में दवाइयों की गोलियां मिलने से बढ़ा संदेह
पुलिस ने कमरे की जांच के दौरान मृतक के दाहिने हाथ के पास कुछ दवाइयों की गोलियां पड़ी हुई देखीं। इससे आशंका जताई जा रही है कि रात में अचानक तबीयत बिगड़ने पर रामप्यारे ने दवा लेने का प्रयास किया होगा। हालांकि, उसने कौन सी दवा ली थी और उसकी मौत किस वजह से हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक जानकारी जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच जारी है।
परिजनों को दी गई सूचना, अरवल से पहुंचे परिजन
पुलिस ने मृतक की पहचान करने के बाद उसके परिजनों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही अरवल से मृतक के परिजन निजी वाहन से सरेंजा लेबर कॉलोनी पहुंचे। परिवार में मौत की खबर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बताया गया कि रामप्यारे चौधरी परिवार के लिए कमाने वाला प्रमुख सदस्य था। उसके परिवार में तीन बेटियां और एक पुत्र हैं। घटना के बाद उसके साथ काम करने वाले मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन से मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा देने की मांग की।
खुशी कंस्ट्रक्शन ने तत्काल दी 50 हजार रुपये की मदद
मजदूरों की मांग और परिवार की स्थिति को देखते हुए खुशी कंस्ट्रक्शन की ओर से तत्काल सहायता के तौर पर 50 हजार रुपये मृतक की पुत्री के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए। मजदूरों ने कंपनी से आगे भी परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
इस संबंध में राजपुर थानाध्यक्ष निवास कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रिशियन की मौत संदिग्ध परिस्थिति में हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। रामप्यारे चौधरी की मौत बीमारी, अचानक तबीयत बिगड़ने या किसी अन्य कारण से हुई—इसका खुलासा अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा।





