OTHERS

महिला सशक्तिकरण के लिए आगे बढ़ने का आह्वान, 60 महिलाओं ने लिया प्रशिक्षण

सरकारी योजनाओं तक पहुंच से लेकर अधिकार एवं समानता तक पर हुई चर्चा, विशेषज्ञों ने महिलाओं को किया जागरूक

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
शाहाबाद पैरिस सोसाइटी द्वारा संचालित स्वाभिमान परियोजना के अंतर्गत बुधवार को स्थानीय विवाह वाटिका मैरिज हॉल में महिलाओं की विभिन्न समस्याओं एवं उनके समाधान को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं तथा सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं प्रार्थना के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं प्रधानाचार्या श्रीमती प्रतिमा सिंह तथा विशिष्ट अतिथि श्री पवन कुमार सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के निदेशक फादर मनोज कुमार ने की, जबकि संचालन श्री संतोष कुमार ने किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वाभिमान परियोजना के इटाढ़ी एवं राजपुर प्रखंड क्षेत्र की कुल 60 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान महिला सशक्तिकरण की प्रमुख बाधाएं एवं उनके निवारण, सरकारी योजनाओं तक महिलाओं की पहुंच, एक कुशल महिला के कर्तव्य एवं दायित्व तथा पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं की सहभागिता एवं समानता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

महिलाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक होने का संदेश

संसाधन व्यक्ति के रूप में प्रतिमा सिंह, मनोज कुमार, आशा देवी एवं बाबूलाल टुडू ने महिलाओं का मार्गदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं के विकास के बिना परिवार, समाज और देश के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ सामाजिक एवं आर्थिक रूप से आगे बढ़ने की आवश्यकता है। संस्था के निदेशक फादर मनोज कुमार ने कहा कि संस्था का उद्देश्य समाज में सभी की भागीदारी और बराबरी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसा समाज बनाया जाना चाहिए, जहां प्रत्येक व्यक्ति की प्रतिष्ठा और उसकी मूल भावनाओं का सम्मान हो। समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना संस्था का लक्ष्य है और इसी उद्देश्य से लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

“महिला और पुरुष समाज रूपी गाड़ी के दो पहिए”

मुख्य अतिथि प्रतिमा सिंह ने कहा कि महिला और पुरुष समाज रूपी गाड़ी के दो पहिए हैं। एक के बिना दूसरे के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए महिलाओं को सम्मान और अधिकार में बराबरी मिलनी चाहिए तथा महिलाओं को भी अपने अधिकारों के लिए स्वयं जागरूक होना होगा। उन्होंने मां सीता का उदाहरण देते हुए महिलाओं को अपनी सीमाओं से बाहर निकलकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल चारदीवारी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी पहचान बनानी चाहिए और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। जब महिला सशक्त होगी तो परिवार सशक्त होगा, परिवार से समाज और समाज से पूरा देश सशक्त होगा।

पुरुषों से भी महिलाओं का सहयोग करने की अपील

विशिष्ट अतिथि पवन कुमार सिंह ने कहा कि पुरुष और महिला दोनों को मिलकर काम करना होगा, तभी परिवार, समाज और देश का विकास संभव है। उन्होंने पुरुषों से महिलाओं को सहयोग और समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि दोनों को मिल-जुलकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए अवसर देने के साथ उनके निर्णयों और अधिकारों का सम्मान करना भी जरूरी है। महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

खुली चर्चा में महिलाओं ने रखीं अपनी समस्याएं

कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं और चुनौतियों को खुलकर सामने रखा तथा विशेषज्ञों से समाधान एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर शाहाबाद पैरिस सोसाइटी के सभी स्टाफ मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में मोहम्मद मोआजम अंसारी, छोटू प्रसाद, प्रशांत कुमार, सोनी कुमारी, सविता देवी, शिवजी राम, अमित कुमार एवं स्वाभिमान परियोजना की पूरी टीम का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button