इटाढ़ी गुमटी आंदोलन पर नया विवाद: आश्वासन के बाद धरना स्थगित, अब एफआईआर से भड़का आक्रोश
सरोज राजभर ने कहा—मुकदमा वापस नहीं हुआ तो 4-5 दिनों बाद फिर तेज होगा आंदोलन, बोले- जनता की मांग गुमटी खुलवाने की, मुकदमे की नहीं


न्यूज़ विज़न। बक्सर
इटाढ़ी रेलवे गुमटी खोलने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है, लेकिन आंदोलनकारियों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला फिर गरमा गया है। जिला दलित अति पिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजक सरोज राजभर ने आरोप लगाया है कि रेल प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस पदाधिकारियों के आश्वासन के बाद आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से स्थगित किया गया था, इसके बावजूद धरनार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
सरोज राजभर के अनुसार, रेलवे सुरक्षा बल बक्सर के प्रभारी कुंदन कुमार तथा जिला प्रशासन के सुझाव पर रेलवे ट्रैक पर बैठे धरनार्थी और स्थानीय नागरिक शांतिपूर्ण तरीके से वहां से उठकर निर्धारित धरना स्थल पर चले गए। इसके बाद रेल पुलिस के एएसपी भास्कर रंजन धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से मांग पत्र लिया। इस दौरान सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता हुई, जिसके बाद आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित करने का दावा
मोर्चा के जिला संयोजक सरोज राजभर ने कहा कि इटाढ़ी गुमटी खोलने की मांग को लेकर जनता की आवाज के रूप में आंदोलन शुरू किया गया था। प्रशासन एवं रेल पुलिस के अधिकारियों की ओर से बातचीत के दौरान यह आश्वासन दिया गया कि आंदोलन समाप्त करने के बाद किसी भी धरनार्थी या नागरिक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसी भरोसे पर आंदोलनकारियों ने रेलवे ट्रैक से हटकर धरना समाप्त किया। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों को उम्मीद थी कि प्रशासन जनता की समस्या के समाधान की दिशा में पहल करेगा, लेकिन इसके विपरीत धरनार्थियों और स्थानीय नागरिकों पर एफआईआर दर्ज कर दी गई। इससे आंदोलनकारियों में काफी आक्रोश है।
‘मुकदमा वापस नहीं हुआ तो फिर तेज होगा आंदोलन’
सरोज राजभर ने कहा कि दर्ज मुकदमे को शीघ्र वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो चार-पांच दिनों के बाद मोर्चा फिर से आंदोलन तेज करेगा। उन्होंने कहा कि इस बार आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी रेलवे सुरक्षा बल तथा जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि इटाढ़ी गुमटी बंद होने से स्थानीय लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों, राहगीरों, किसानों, विद्यार्थियों और आसपास के लोगों के आवागमन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन को मुकदमे की कार्रवाई पर ध्यान देने के बजाय जनता की मूल मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
महिलाओं से बदसलूकी का भी लगाया आरोप
सरोज राजभर ने रेल रोको आंदोलन के दौरान पुलिस पर महिलाओं के साथ कथित बदसलूकी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल कई महिलाओं ने बाद में उन्हें बताया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि जनता के हित में इटाढ़ी रेलवे गुमटी को पुनः खुलवाना है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे को वापस लेते हुए गुमटी खोलने की दिशा में ठोस पहल की जाए।
‘जनता की आवाज को दबाने के बजाय समस्या का समाधान करे प्रशासन’
मोर्चा के जिला संयोजक ने कहा कि इटाढ़ी गुमटी खोलने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। जनता चाहती है कि आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान हो। उन्होंने कहा कि मुकदमे दर्ज करने से लोगों की समस्या खत्म नहीं होगी। सरोज राजभर ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि जनता की आवाज को दबाने के बजाय बंद पड़ी इटाढ़ी गुमटी को जनता के हित में खोलने की दिशा में पहल की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आश्वासन के अनुरूप मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो मोर्चा दोबारा आंदोलन करेगा और इस बार आंदोलन को और तेज किया जाएगा।





