इटाढ़ी रेलवे गुमटी खोलने की मांग पर छठे दिन भी जारी रहा अनिश्चितकालीन धरना, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
श्रावण में श्रद्धालुओं, छात्रों, किसानों और व्यापारियों की परेशानी का मुद्दा उठाया गया; भगत सिंह विचार मंच ने आंदोलन को दिया समर्थन


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर जिले के इटाढ़ी रेलवे गुमटी को पुनः खोलने की मांग को लेकर दलित अति पिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को लगातार छठे दिन भी जारी रहा। धरना की अध्यक्षता मोर्चा के जिला संयोजक सरोज राजभर ने की, जबकि संचालन मीडिया प्रभारी राम इकबाल ठाकुर ने किया।
धरना स्थल पर भगत सिंह विचार मंच के जिला संयोजक जितेंद्र कुमार अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे और आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। इससे आंदोलनकारियों का मनोबल और बढ़ा। धरने को संबोधित करते हुए जिला संयोजक सरोज राजभर ने रेलवे प्रशासन एवं जिला प्रशासन पर जनता की समस्याओं के प्रति उदासीन रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इटाढ़ी रेलवे गुमटी बंद होने से आम लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से सावन माह में जलाभिषेक के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानियां कई गुना बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि गुमटी बंद होने का असर केवल श्रद्धालुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। किसान, व्यापारी, महिलाएं, बुजुर्ग और क्षेत्र के सभी वर्गों के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। प्रशासन यदि जल्द समाधान नहीं करता है तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं तेज किया जाएगा।
सरोज राजभर ने कहा कि संघर्ष मोर्चा जनता के हितों की लड़ाई अंतिम दम तक लड़ता रहेगा और इटाढ़ी रेलवे गुमटी खुलने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अभी भी समय है कि रेलवे एवं जिला प्रशासन जनता की मांगों को गंभीरता से लेते हुए गुमटी खोलने का निर्णय लें, अन्यथा आंदोलन के उग्र होने की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। धरना को डॉ. अजीत कुशवाहा, सिपाही राजभर, महिला नेत्री कृष्णावती देवी, जिला सह संयोजक दिनानाथ ठाकुर, विनोद कुशवाहा, जगनारायण सिंह, बीरबल पासवान, राजकुमार राय, सूर्यकांति देवी, रीमा देवी, जितेंद्र कुमार, बीरबल रजक, संजय दुबे, प्रेमभूषण, चंद्र उपाध्याय, रमन राजभर, सुनीता कुशवाहा, मुन्ना ओझा, मनजी राजभर, लाल बाबू माली, धनजी पांडे उर्फ त्यागी बाबा, लाल बिहारी पाल, मदन पाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने संबोधित किया और आंदोलन को समर्थन दिया। आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक इटाढ़ी रेलवे गुमटी आम जनता के आवागमन के लिए नहीं खोली जाती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। प्रशासन से जल्द सकारात्मक पहल की भी मांग की गई।





