वार्ड 34 में अधूरे नाला निर्माण से लोगों की बढ़ी परेशानी, सड़क पर बहा गंदा पानी; दोबारा शुरू हुआ काम, जल्द राहत की उम्मीद
2.02 करोड़ की सड़क-नाला योजना की धीमी रफ्तार से जलनिकासी हुई बाधित, काली मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को उठानी पड़ी मुश्किलें


न्यूज़ विज़न। बक्सर
नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 34 में बुडको के माध्यम से कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य के लंबे समय तक अधूरा पड़े रहने से स्थानीय लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा। निर्माण कार्य बीच में बंद हो जाने के कारण नाले की जलनिकासी पूरी तरह बाधित हो गई थी, जिससे गंदा पानी सड़क पर ओवरफ्लो करने लगा और पूरे इलाके में जलजमाव की स्थिति बन गई। हालांकि अब निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो गया है, जिससे वार्डवासियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि संवेदक द्वारा अचानक निर्माण कार्य रोक दिए जाने से हालात लगातार खराब होते चले गए। नाले का गंदा पानी सड़क पर बहने लगा, जिससे आम लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। हल्की बारिश होते ही स्थिति और गंभीर हो जाती थी तथा सड़क पर जलजमाव के कारण आवागमन बाधित हो जाता था। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और काली मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को उठानी पड़ी। मंदिर जाने के लिए लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा था, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर इलाके की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं।
मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत बक्सर-आरा मार्ग से उत्तर जिला परिषद रोड होते हुए छोटकी सारिमपुर से एसपी आवास तक करीब 2.02 करोड़ रुपये की लागत से सड़क एवं नाला निर्माण कराया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य क्षेत्र में बेहतर सड़क और जलनिकासी व्यवस्था उपलब्ध कराना है, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति और लंबे समय तक अधूरा रहने से योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। स्थानीय निवासी जितेंद्र कुमार, सत्यम कुमार, राजू यादव सहित अन्य लोगों ने बताया कि हल्की बारिश में ही सड़क पर पानी भर जाता है और नाले का पानी निकासी नहीं होने के कारण सड़क पर फैल जाता है। इससे राहगीरों के साथ-साथ आसपास के घरों के लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वार्ड पार्षद रिंकी गुप्ता के प्रतिनिधि रमेश गुप्ता ने बताया कि अधूरे नाला निर्माण के कारण स्थिति काफी गंभीर हो गई थी। समस्या को देखते हुए अस्थायी तौर पर मजदूर लगाकर नाले की सफाई कराई जा रही थी, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं था। उन्होंने कहा कि अब निर्माण कार्य फिर से शुरू हो चुका है और तेजी से कराया जा रहा है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में नाला निर्माण पूरा होने के साथ जलनिकासी की समस्या समाप्त हो जाएगी और वार्डवासियों के साथ-साथ काली मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी बड़ी राहत मिलेगी।





