इटाढ़ी रेलवे ओवरब्रिज हादसा नहीं, 40% कमीशनखोरी का नतीजा : बजरंगी मिश्रा
जनसुराज जिलाध्यक्ष ने सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर साधा निशाना; ठेकेदार, इंजीनियर और ओवरलोड वाहनों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच की मांग


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर के नवनिर्मित इटाढ़ी रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के पहुंच मार्ग के क्षतिग्रस्त होने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। जनसुराज पार्टी के जिलाध्यक्ष बजरंगी मिश्रा ने इस घटना को महज तकनीकी विफलता नहीं बल्कि “40 प्रतिशत कमीशन वाली व्यवस्था” का परिणाम बताते हुए सरकार, प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित पुल का एक माह के भीतर क्षतिग्रस्त हो जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। यह केवल एक पुल का मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार और जवाबदेही की कमी को उजागर करता है। बजरंगी मिश्रा ने कहा कि जनता जानना चाहती है कि पुल निर्माण करने वाले ठेकेदार पर क्या कार्रवाई होगी। क्या उसे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, आर्थिक दंड लगाया जाएगा अथवा उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा? उन्होंने यह भी पूछा कि जिस इंजीनियर और तकनीकी टीम ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को प्रमाणित किया, उनकी जवाबदेही कैसे तय होगी।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता हुई है तो संबंधित अधिकारियों को निलंबित करने और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने में देरी क्यों की जा रही है।
जनसुराज नेता ने पुल की भार क्षमता को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि पुल की निर्धारित भार वहन क्षमता कितनी थी। यदि उससे अधिक वजन वाले वाहन लगातार पुल से गुजर रहे थे तो यातायात विभाग, परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में लंबे समय से अवैध बालू खनन और ओवरलोड वाहनों का संचालन होता रहा है। यदि ऐसे वाहनों के कारण पुल पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि इन गतिविधियों को संरक्षण देने वाले लोग कौन हैं और उनकी भूमिका क्या रही है।
बजरंगी मिश्रा ने कहा कि इस पूरे मामले की केवल विभागीय जांच पर्याप्त नहीं होगी। जनता का विश्वास बहाल करने के लिए किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा उच्चस्तरीय जांच समिति से जांच कराई जानी चाहिए, ताकि निर्माण कार्य से लेकर निगरानी और संचालन तक की पूरी प्रक्रिया की सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाली विकास परियोजनाओं में भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी और आम लोगों की जान जोखिम में पड़ती रहेगी। जनसुराज पार्टी ने सरकार से मांग की है कि इटाढ़ी रेलवे ओवरब्रिज प्रकरण की





