इटाढ़ी और चौसा रेलवे क्रॉसिंग हुईं बंद, आरओबी से शुरू हुआ आवागमन
पूर्वी रेलवे फाटक को स्थायी रूप से किया गया सील, 1 जून से चौसा फाटक भी होगा बंद; जाम, दुर्घटना और ट्रेनों की रफ्तार पर पड़ेगा बड़ा असर


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिले के लोगों को लंबे समय से जिस बदलाव का इंतजार था, वह अब धरातल पर उतर गया है। बक्सर के दो सबसे व्यस्त रेलवे क्रॉसिंग—इटाढ़ी रोड स्थित पूर्वी रेलवे फाटक और चौसा रेलवे फाटक—अब हमेशा के लिए बंद हो गया। बिना किसी औपचारिक उद्घाटन के ही दोनों स्थानों पर निर्मित रेल ओवरब्रिज (आरओबी) को आम जनता के लिए खोल दिया गया है। इसी क्रम में रविवार को इटाढ़ी रोड स्थित पूर्वी रेलवे फाटक को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया। वहीं, सोमवार 1 जून से चौसा रेलवे फाटक भी हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। इसके बाद दोनों स्थानों पर वाहनों का आवागमन केवल नव-निर्मित रेल ओवरब्रिज के माध्यम से ही संभव होगा।
जानकारी के अनुसार इटाढ़ी और चौसा में बनाए गए रेल ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया था। हालांकि इनके उद्घाटन की तिथि निर्धारित नहीं हो सकी थी, लेकिन दानापुर मंडल के बक्सर-आरा-मुगलसराय रेलखंड पर लगातार बढ़ते यातायात दबाव और रेलवे फाटकों पर लगने वाले लंबे जाम को देखते हुए रेलवे एवं जिला प्रशासन ने इन्हें तत्काल चालू करने का निर्णय लिया। रविवार को जिला प्रशासन द्वारा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी की उपस्थिति में इटाढ़ी रेलवे फाटक को वेल्डिंग बैरिकेड लगाकर पूरी तरह सील कर दिया गया। फाटक बंद होते ही लोगों ने नए आरओबी का उपयोग शुरू कर दिया। अब इस मार्ग से गुजरने वाले सभी छोटे-बड़े वाहन ओवरब्रिज के रास्ते ही आवागमन करेंगे।
रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आरओबी के निर्माण के बाद रेलवे फाटक को चालू रखने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। फाटक बंद होने से ट्रेनों की गति सीमा बढ़ाने में मदद मिलेगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। साथ ही फाटक संचालन में लगने वाले अतिरिक्त मानव संसाधन और खर्च में भी कमी आएगी। नए आरओबी के शुरू होने से जहां शहरवासियों को जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं सर्विस लेन और आसपास के मोहल्लों में रहने वाले लोगों को अब ओवरब्रिज तक पहुंचने के लिए लगभग 500 मीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। इसके बावजूद अधिकांश लोगों का मानना है कि यह बदलाव जिले के यातायात और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था से सड़क और रेल दोनों यातायात अधिक सुरक्षित, तेज और व्यवस्थित होंगे। आने वाले दिनों में इसका लाभ हजारों यात्रियों, स्थानीय नागरिकों और व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगा।
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