मामा की शादी में आए दो मासूमों को ट्रैक्टर ने कुचला, मौके पर मौत
बैदा गांव में अनियंत्रित ट्रैक्टर बना काल, खुशियों के बीच पसरा मातम — इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर जिले के मुरार थाना क्षेत्र अंतर्गत बैदा गांव में रविवार की रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया, जिसने शादी की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया। अनियंत्रित ट्रैक्टर की चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दोनों बच्चे अपने मामा की शादी में शामिल होने ननिहाल आए थे और कुछ ही दिनों में अपने घर लौटने वाले थे।
घटना रविवार रात करीब आठ बजे की बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, डुमरांव से चौगाईं की ओर मिट्टी लादकर जा रहा एक ट्रैक्टर बैदा गांव के पास अचानक अनियंत्रित हो गया। सड़क किनारे खड़े दो बच्चों को उसने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बच्चों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान रोहतास जिले के नटवार थाना क्षेत्र के मुसवट गांव निवासी 12 वर्षीय आनंद शर्मा और अरियांव निवासी 6 वर्षीय आरडी शर्मा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आरडी शर्मा अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के अनुसार, दोनों बच्चे अपने मामा दुर्गेश शर्मा की शादी में शामिल होने बैदा गांव आए थे। शादी की रस्में हाल ही में पूरी हुई थीं और रिश्तेदार धीरे-धीरे अपने घर लौट रहे थे। इसी बीच यह हादसा हो गया, जिसने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के वक्त दोनों बच्चे अपने ननिहाल के पास सड़क किनारे खड़े थे। तभी तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रैक्टर ने उन्हें कुचल दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सूचना मिलते ही मुरार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर को जब्त कर लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि चालक की पहचान कर ली गई है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
घटना के बाद पूरे बैदा गांव में शोक की लहर है। जिस घर में कुछ समय पहले तक शादी की खुशियां गूंज रही थीं, वहां अब सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति न हो।





