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मिट्टी की सेहत सुधारेगा कृषि विभाग, 3090 नमूनों की जांच का लक्ष्य

मिट्टी जांच के बाद किसानों को दिए जाएंगे मृदा स्वास्थ्य कार्ड

न्यूज विजन। बक्सर
जिले के किसानों की आय बढ़ाने और खेतों की उर्वरा शक्ति को सुरक्षित रखने के लिए कृषि विभाग ने कमर कस ली है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग ने जिले के विभिन्न पंचायतों से 3090 मिट्टी के नमूनों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया है।

 

कृषि विशेषज्ञ डॉ रामकेवल का मानना है कि अक्सर किसान बिना मिट्टी की जांच कराए खेतों में ‘अंधाधुंध’ उर्वरकों का प्रयोग कर रहे हैं। इससे न केवल खेती की लागत बढ़ रही है, बल्कि मिट्टी की प्राकृतिक उपजाऊ क्षमता भी घट रही है। मिट्टी जांच में आए परिणाम के आधार पर किसान उर्वरक का प्रयोग कर एक तरफ जहां खर्च को कम कर सकते हैं, वहीं मिट्टी की उर्वरा शक्ति को भी बढ़ा सकते हैं।

 

जिला कृषि कार्यालय स्थित आधुनिक मृदा जांच प्रयोगशाला में मिट्टी के नमूनों को 12 अलग-अलग पैरामीटर्स पर परखा जाएगा। लैब तकनीशियन कृषि समन्वयक सच्चिदानंद सिंह, के अनुसार, मिट्टी में पाई जाने वाली नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, तांबा, लवणों की मात्रा और पीएच मान की जांच की जाती है।

 

जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किया जाएगा। इस कार्ड में स्पष्ट रूप से अंकित होगा कि संबंधित किसान के खेत में किस तत्व की कमी है और बेहतर पैदावार के लिए कितनी मात्रा में खाद की जरूरत है। इससे किसान सटीक पोषक तत्वों की पूर्ति कर उत्पादन बढ़ा सकेंगे।

मिट्टी के नमूनों को वैज्ञानिक विधि से इकट्ठा करने के लिए विभाग ने जिम्मेदारी तय कर दी है। मिट्टी के नमूने लेने का मुख्य कार्य कृषि समन्वयक, एटीएम और बीटीएम द्वारा किया जाएगा। इस प्रक्रिया में जमीनी स्तर पर किसान सलाहकार उनका सहयोग करेंगे।

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