बक्सर में गूंजे ‘हारे के सहारे’ के जयकारे, अजय-नेहा मानसिंहका की सिल्वर जुबली पर भव्य खाटू श्याम जागरण का आयोजन
समाजसेवियों, प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने दी शुभकामनाएं, गरीब बेटियों के विवाह जैसे सामाजिक कार्यों की हुई सराहना


न्यूज विज़न। बक्सर
शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी एवं समाजसेवी अजय मानसिंहका और उनकी धर्मपत्नी नेहा मानसिंहका के वैवाहिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार को अंबेडकर चौक स्थित श्याम उत्सव वाटिका में भव्य खाटू श्याम जागरण का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था, भक्ति और सामाजिक सौहार्द से सराबोर इस कार्यक्रम में देर रात तक भजन-कीर्तन और श्याम बाबा के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस अवसर पर शहर के कई प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, व्यवसायी, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में अजय मानसिंहका के शुभचिंतक और समर्थक शामिल हुए। सभी अतिथियों ने अजय मानसिंहका एवं नेहा मानसिंहका को उनके वैवाहिक जीवन की सिल्वर जुबली पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनके सुखद, स्वस्थ एवं सफल दांपत्य जीवन की कामना की।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने अजय मानसिंहका द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की भी जमकर सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि अजय मानसिंहका केवल एक सफल व्यवसायी ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने हमेशा जरूरतमंद लोगों की सहायता को प्राथमिकता दी है।
गौरतलब है कि अजय मानसिंहका ने बक्सर के युवा समाजसेवी एवं नेता रामजी सिंह के साथ मिलकर अब तक दर्जनों आर्थिक रूप से कमजोर एवं गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह संपन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके इस मानवीय प्रयास की शहरभर में काफी सराहना होती रही है।
पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं में अजय मानसिंहका के छोटे भाई अनिल मानसिंहका की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वे स्वयं समारोह में आने वाले अतिथियों के स्वागत एवं सत्कार में पूरे समय सक्रिय रहे और सभी आगंतुकों का आत्मीय अभिनंदन किया।
भव्य सजावट, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और खाटू श्याम बाबा के मनमोहक भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। देर रात तक चले जागरण में श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं समाज में शांति और खुशहाली की प्रार्थना की।
सिल्वर जुबली के इस विशेष अवसर पर धार्मिक आस्था, पारिवारिक उत्सव और सामाजिक सेवा का सुंदर संगम देखने को मिला, जिसकी शहरभर में चर्चा रही।





