अधिवक्ता रामाशंकर ओझा का बीएचयू में निधन, शुक्रवार को न्यायालय में रहेगा नो वर्क
1986 से अधिवक्ता संघ से जुड़े थे रामाशंकर ओझा, निधन की खबर से न्यायिक एवं अधिवक्ता जगत में शोक

न्यूज विज़न। बक्सर
वरिष्ठ अधिवक्ता रामाशंकर ओझा का बीएचयू में इलाज के क्रम में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही अधिवक्ता समुदाय और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। अधिवक्ता संघ के महासचिव विंदेश्वर पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय ने उनके निधन की जानकारी देते हुए बताया कि दिवंगत अधिवक्ता के सम्मान में शुक्रवार को न्यायालय में नो वर्क रहेगा।
रामाशंकर ओझा का जन्म 15 जनवरी 1954 को हुआ था। उन्होंने 25 जुलाई 1986 को अधिवक्ता के रूप में बार में योगदान दिया था। उनका बार रजिस्ट्रेशन नंबर 376/86 था। लंबे समय तक अधिवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं देते हुए उन्होंने न्यायिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।
दिवंगत अधिवक्ता मूल रूप से उजियार गांव, थाना नरही, जिला बलिया (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले थे। उनके पिता का नाम राज नारायण ओझा था। पारिवारिक जीवन में उनकी पत्नी अशोका देवी के साथ एक पुत्र और एक पुत्री हैं। दोनों संतानों का विवाह हो चुका है।
उनके पुत्र विकास ओझा दैनिक जागरण, बनारस से जुड़े हुए हैं। अधिवक्ता रामाशंकर ओझा के निधन की सूचना के बाद उनके पैतृक गांव और परिचितों के साथ-साथ न्यायिक क्षेत्र से जुड़े लोगों में भी शोक का माहौल है।
अधिवक्ता संघ के महासचिव विंदेश्वर पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय ने बताया कि दिवंगत अधिवक्ता के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए शुक्रवार को न्यायालय में अधिवक्ताओं की ओर से नो वर्क रखा जाएगा। इस दौरान अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहकर अपने दिवंगत साथी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
वरिष्ठ अधिवक्ता के निधन को अधिवक्ता समुदाय ने अपूरणीय क्षति बताया है। उनके निधन पर अधिवक्ताओं, न्यायिक क्षेत्र से जुड़े लोगों, मित्रों और शुभचिंतकों ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिजनों को इस दुख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की कामना की।





