विश्वकर्मा मंदिर में गूंजे कान्हा के जयकारे, पियूष परदेसी के गीतों पर झूमे श्रद्धालु
नालबंद टोली में जन्माष्टमी पर भक्ति के साथ सजी संगीत की महफिल, भजन-कीर्तन और सोहर-बधाई गीतों ने बांधा समां


न्यूज़ विज़न। बक्सर
शहर के नालबंद टोली स्थित विश्वकर्मा मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्तिमय वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। जन्मोत्सव को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जैसे-जैसे रात आगे बढ़ी, मंदिर परिसर में भक्ति और संगीत का रंग और गहरा होता गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत रानी सिंह द्वारा प्रस्तुत ‘निमिया के डार मैया…’ जैसे पारंपरिक गीतों से हुई। उनके गीतों ने कार्यक्रम में लोक संस्कृति और भक्ति का रंग भर दिया। इसके बाद भोजपुरी फिल्म ‘साइकिलिया वाला’ के अभिनेता एवं गायक पियूष परदेसी ने मंच संभाला। मंच पर उनके पहुंचते ही दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
पियूष परदेसी ने अपनी दमदार गायकी से पूरी रात श्रोताओं का मनोरंजन किया। उन्होंने जैसे ही मो. इश्तियाक खां उर्फ साथी जी द्वारा रचित लोकप्रिय गीत ‘हमारा कान्हा जी से बड़ा रंगबाज कौन है…’ प्रस्तुत किया, पूरा परिसर तालियों और उत्साह से गूंज उठा। दर्शकों ने उनके गीतों पर जमकर आनंद लिया और देर रात तक संगीत की महफिल में झूमते रहे। गायकी के दौरान पियूष परदेसी ने सोहर और बधाई गीत भी प्रस्तुत किए, जिनका श्रद्धालुओं और दर्शकों ने खूब आनंद उठाया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के धार्मिक उल्लास के साथ भोजपुरी लोकगीतों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
आयोजन को सफल बनाने में लव शर्मा, कुश शर्मा, राकेश, शिवम, जसवंत, पियूष चौधरी, विनय चौधरी, आयुष, प्रेम सहित अन्य कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यकर्ताओं ने आयोजन की व्यवस्था संभालने से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा तक में सक्रिय भूमिका निभाई। विश्वकर्मा मंदिर में आयोजित यह जन्माष्टमी समारोह धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और संगीत का सुंदर संगम बन गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर देर रात तक मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा।





