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डुमरांव में छात्राओं के यौन शोषण मामले पर AAP का बड़ा सवाल, दोषी शिक्षकों की बर्खास्तगी की मांग

डीएम साहिला को पत्र सौंप जिलाध्यक्ष रमेश वर्मा ने उठाई जवाबदेही की मांग, प्रधानाध्यापक का राजकीय पुरस्कार रद्द करने और BEO- DEO पर कार्रवाई की मांग

न्यूज़ विज़न।  बक्सर
डुमरांव प्रखंड क्षेत्र के एक मध्य विद्यालय में छात्राओं के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोपों के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। आम आदमी पार्टी के बक्सर जिलाध्यक्ष रमेश वर्मा ने गुरुवार को जिलाधिकारी साहिला को पत्र सौंपकर मामले में कड़ी एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोपी शिक्षकों की बर्खास्तगी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक का राजकीय पुरस्कार रद्द करने तथा जिम्मेदार शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई की मांग उठाई है।

 

रमेश वर्मा ने कहा कि विद्यालय में लगभग एक दर्जन छात्राओं के साथ कथित यौन शोषण की घटना अत्यंत निंदनीय, भयावह और शर्मनाक है। ऐसी घटना न केवल छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था और समाज को भी शर्मसार करती है।

 

केवल निलंबन पर्याप्त नहीं, दोषियों की हो बर्खास्तगी

आप जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस गंभीर मामले में केवल दो शिक्षकों को निलंबित कर देना पर्याप्त कार्रवाई नहीं है। उन्होंने मांग की कि आरोपी शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किया जाए। साथ ही मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कराकर दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालय जैसे सुरक्षित एवं शिक्षण संस्थान में छात्राओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई से ही पीड़ित छात्राओं और उनके अभिभावकों में विश्वास बहाल किया जा सकता है।

प्रधानाध्यापक के राजकीय पुरस्कार की अनुशंसा पर भी सवाल

रमेश वर्मा ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक का नाम राजकीय पुरस्कार के लिए अनुशंसित किए जाने पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस विद्यालय में इतनी गंभीर घटना सामने आई, वहां के प्रधानाध्यापक का नाम राजकीय पुरस्कार के लिए भेजा जाना शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही, संवेदनहीनता और जमीनी स्तर पर निरीक्षण के अभाव को दर्शाता है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि प्रधानाध्यापक का नाम तत्काल राजकीय पुरस्कार की सूची से हटाया जाए तथा पूरे मामले में उनकी भूमिका और संभावित संलिप्तता की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

BEO और DEO की भी तय हो जवाबदेही

आप जिलाध्यक्ष ने विद्यालय के नियमित निरीक्षण एवं निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) और जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि विद्यालय का नियमित निरीक्षण और निगरानी सही तरीके से होती तो ऐसी गंभीर घटना को समय रहते रोका जा सकता था। उन्होंने मांग की कि विद्यालय का नियमित निरीक्षण नहीं करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उनके विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

डीएम से तत्काल कठोर कदम उठाने की मांग

रमेश वर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मामले में पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराने के पक्ष में है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी शिक्षकों, प्रधानाध्यापक तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार तत्काल एवं कठोर कदम उठाने की मांग की। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी साहिला मामले की गंभीरता को देखते हुए उनकी मांगों पर त्वरित संज्ञान लेंगी और दोषियों के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

 

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