विश्वनाथ गार्डेन में कृषक प्रशिक्षण शिविर: आधुनिक खेती, कीट प्रबंधन और फसल सुरक्षा पर किसानों को मिला विशेष मार्गदर्शन
सिजेंटा इंडिया और जे.के. कृषक केन्द्र धनसोई के संयुक्त आयोजन में जुटे सैकड़ों किसान, वैज्ञानिकों व विशेषज्ञों ने साझा किए खेती के नवीनतम तकनीकी सुझाव


न्यूज़ विज़न। बक्सर
नगर के पीसी कॉलेज के समीप स्थित विश्वनाथ नगर के विश्वनाथ गार्डेन सभागार में रविवार को सिजेंटा इंडिया प्रा. लि. एवं जे.के. कृषक केन्द्र, धनसोई के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने भाग लिया और आधुनिक खेती, कीट प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा कृषि तकनीकों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रगतिशील किसान कमलेश पाण्डेय, संजय चैबे, रजनीकांत उर्फ जीरो पहलवान, राजेश्वर राय, मनोज राय, जितेन्द्र कुमार सिंह एवं पिंटू सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन आसा पर्यावरण सुरक्षा, बिहार के संयोजक विपिन कुमार ने किया। प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर के वैज्ञानिक डॉ. रामकेवल ने किसानों को कीट प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी दवा का उपयोग करने से पहले उसके साथ दिए गए लीफलेट को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए तथा निर्धारित मात्रा में ही दवाओं का प्रयोग करना चाहिए। इससे फसल की सुरक्षा के साथ-साथ किसानों की लागत भी नियंत्रित रहती है। सिजेंटा इंडिया प्रा. लि. के डिवीजनल मैनेजर अमित सिंह ने कहा कि सिजेंटा विश्व और भारत में कृषि क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों में शामिल है, जिसका श्रेय देश के अन्नदाताओं को जाता है। उन्होंने किसानों से सिजेंटा क्रॉप वाइज ग्रोवर ऐप का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इसके माध्यम से किसान फसलों में कीटनाशकों एवं अन्य कृषि उत्पादों का सही मात्रा में उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिले में जे.के. कृषक केन्द्र, धनसोई कंपनी का अधिकृत वितरक है, जहां से किसान भरोसेमंद तरीके से सिजेंटा के उत्पाद खरीद सकते हैं।
कार्यक्रम में सिजेंटा के रीजनल मैनेजर शशि भूषण ने खरीफ मौसम की फसलों के बेहतर प्रबंधन, उत्पादन बढ़ाने के उपायों और रोग-कीट नियंत्रण के विषय में विस्तार से जानकारी दी। वहीं तकनीकी प्रबंधन विशेषज्ञ मिलन कर्माकर ने पावरप्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से कंपनी के विभिन्न उत्पादों की उपयोग विधि और तकनीकी पहलुओं को किसानों के समक्ष रखा। टेरिटरी मैनेजर रविन्द्र मिश्र ने कृषि रसायनों के उपयोग के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा सावधानियों पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फसल सुरक्षा के साथ-साथ किसान और उनके परिवार का स्वास्थ्य भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए दवाओं का प्रयोग पूरी सावधानी और सुरक्षा उपकरणों के साथ किया जाना चाहिए। आसा पर्यावरण सुरक्षा, बिहार एवं दधीचि देहदान समिति, बक्सर के संयोजक विपिन कुमार ने पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और अंगदान-देहदान के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और सुरक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अंगदान और देहदान के माध्यम से हम किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद और खुशियां ला सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान किसानों के सम्मान में पारितोषिक वितरण भी किया गया। उपस्थित प्रगतिशील किसानों कमलेश पाण्डेय, अंकित कुमार सिंह, रमेशचन्द्र पाण्डेय और प्रेम कुमार सिंह सहित अन्य किसानों ने कृषि विकास से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में चंदन कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर जे.के. कृषक केन्द्र, धनसोई के प्रो. जितेन्द्र कुमार सिंह, एमडीओ ललन सिंह, आयुष ओझा, दीपू कुमार, मंजीत कुमार पाल, डॉ. सुरेन्द्र कुमार सिंह, राजशेखर, कोमल प्रिया, आनंद प्रकाश, शमशाद खान, साहेब तिवारी, अजीत कुमार सिंह, विकास कुमार, हरेराम, उमेश कुमार सिंह, अरविंद कुमार, शांतनु कुमार, संतोष कुमार सिंह, पिंटू ओझा, अमरनाथ पाण्डेय, लवकुश पाण्डेय, लालबाबू सिंह, अवधेश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, शालीग्राम पाल समेत बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
किसानों को मिला आधुनिक कृषि तकनीकों का ज्ञान
इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल प्रबंधन, कीट नियंत्रण और सुरक्षित कृषि रसायन उपयोग के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने किसानों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान भी बताए, जिससे किसानों में विशेष उत्साह देखने को मिला।





