इटाढ़ी रेलवे गुमटी खोलने की मांग पर आंदोलन तेज, बक्सर स्टेशन पर रेल चक्का जाम की कोशिश नाकाम, 10 दिन का अल्टीमेटम
पांचवें दिन भी जारी रहा धरना, सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को ट्रैक तक पहुंचने से रोका, स्टेशन मास्टर को सौंपा ज्ञापन; गुमटी नहीं खुली तो 11वें दिन रेल चक्का जाम की चेतावनी


न्यूज़ विज़न। बक्सर
इटाढ़ी रेलवे गुमटी खोलने की मांग को लेकर दलित अति पिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा का चल रहे आंदोलन शनिवार को और तेज हो गया। पिछले पांच दिनों से जारी अनिश्चितकालीन धरने के बाद प्रदर्शनकारियों ने बक्सर रेलवे स्टेशन पर रेल चक्का जाम करने का प्रयास किया। हालांकि आरपीएफ, जीआरपी और बक्सर पुलिस की संयुक्त टीम ने सतर्कता दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को रेलवे ट्रैक तक पहुंचने से रोक दिया, जिससे रेल परिचालन पूरी तरह सामान्य बना रहा।
इसके बाद आंदोलनकारियों ने स्टेशन मास्टर को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर इटाढ़ी रेलवे गुमटी नहीं खोली गई तो 11वें दिन रेल चक्का जाम किया जाएगा। दरअसल, करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इटाढ़ी रेल ओवरब्रिज (आरओबी) उद्घाटन से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद रेलवे गुमटी बंद कर दी गई, जिससे हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गुमटी बंद रहने के कारण किसानों, छात्रों, महिलाओं, व्यवसायियों और आम नागरिकों को प्रतिदिन कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक कुन्दन सिंह ने बताया कि इटाढ़ी रेलवे गुमटी खोलने की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है। शनिवार को कुछ लोगों ने रेल चक्का जाम करने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें समय रहते ट्रैक तक पहुंचने से रोक दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेल ट्रैक जाम नहीं हुआ और सभी ट्रेनों का परिचालन सामान्य रूप से चलता रहा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सरोज राजभर ने जिला प्रशासन और रेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रेलवे गुमटी बंद होने और नवनिर्मित आरओबी के क्षतिग्रस्त होने से आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसानों, छात्रों, महिलाओं और व्यवसायियों को रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सावन माह शुरू होने वाला है और कांवड़ यात्रियों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। यदि 10 दिनों के भीतर गुमटी नहीं खोली गई तो 11वें दिन रेल चक्का जाम किया जाएगा।
स्टेशन मास्टर रजत सक्सेना ने बताया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा सौंपा गया ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है। उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों के माध्यम से डीआरएम कार्यालय भेजा जाएगा ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। प्रदर्शनकारी कृष्णावती देवी ने कहा कि गुमटी बंद होने से लोगों में भारी आक्रोश है। प्रशासन की ओर से आश्वासन जरूर मिला है, लेकिन यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं जितेंद्र कुमार ने कहा कि सबसे अधिक परेशानी किसानों को हो रही है। लोगों को रोजाना कई किलोमीटर घूमकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त बर्बादी हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक रेलवे गुमटी नहीं खोली जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
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