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बिहार शिक्षक स्थानांतरण नीति पर कांग्रेस नेता डॉ. सत्येंद्र ओझा का सवाल, बोले- चरणबद्ध प्रक्रिया से बढ़ेगा शिक्षकों का शोषण

सामान्य स्थानांतरण के लिए एकमुश्त आवेदन लेने की मांग, कहा- सरकार अपने ही वादे के अनुरूप शिक्षकों को सुविधाजनक स्थान पर दे तबादला

न्यूज़ विजन। बक्सर
बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर जारी किए गए नए शेड्यूल पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. सत्येंद्र ओझा ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार की चरणबद्ध स्थानांतरण प्रक्रिया को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे शिक्षकों की समस्याओं का समाधान होने के बजाय उनकी परेशानियां और बढ़ेंगी।

 

डॉ. ओझा ने कहा कि बिहार के सभी स्थानांतरण इच्छुक शिक्षकों की समस्या का समाधान तभी संभव है, जब सरकार सीधे सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन आमंत्रित करे। उन्होंने कहा कि शिक्षक स्थानांतरण नियमावली लागू होने से पहले और बाद में भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तथा शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी कई बार सार्वजनिक रूप से यह कह चुके हैं कि पुरुष शिक्षकों को उनके निकटवर्ती प्रखंड तथा महिला शिक्षकों को उनके निकटवर्ती पंचायत में स्थानांतरण की सुविधा दी जाएगी। ऐसे में अब चरणबद्ध स्थानांतरण का शेड्यूल जारी करना सरकार की पूर्व घोषणाओं के विपरीत प्रतीत होता है।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान प्रक्रिया से शिक्षकों को म्यूचुअल ट्रांसफर, समायोजन (एडजस्टमेंट) और राशनलाइजेशन जैसे विभिन्न चरणों से गुजरना पड़ेगा, जिससे उन्हें आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उनके अनुसार यह व्यवस्था कहीं न कहीं शिक्षकों के दोहन का माध्यम बन सकती है।

डॉ. सत्येंद्र ओझा ने सरकार से आग्रह किया कि वह केवल एक ही स्थानांतरण शेड्यूल जारी करे और सभी इच्छुक शिक्षकों से सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन प्राप्त करे। इसके बाद प्राप्त आवेदनों का आकलन कर आवश्यकता के अनुसार राशनलाइजेशन की प्रक्रिया पूरी करते हुए शिक्षकों को उनकी सुविधा के अनुरूप विद्यालयों में पदस्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों को उनके घर के समीप या सुविधाजनक विद्यालयों में नियुक्ति मिलेगी तो वे मानसिक तनाव से मुक्त होकर पूरी निष्ठा और मनोयोग के साथ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में सक्षम होंगे। सरकार को ऐसी नीति अपनानी चाहिए जिससे शिक्षकों और छात्रों, दोनों के हितों की रक्षा हो सके।

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