मानवता की मिसाल: IESM के पूर्व सैनिकों और ई-रिक्शा चालक ने बचाई CRPF जवान की जान
फरक्का एक्सप्रेस में सफर के दौरान बिगड़ी तबीयत, बक्सर स्टेशन पर बेबस पड़े जवान को मिला फरिश्तों का साथ; समय रहते इलाज से टली बड़ी अनहोनी


न्यूज़ विज़न। बक्सर
मानवता और सेवा भावना की एक प्रेरणादायक मिसाल मंगलवार को बक्सर में देखने को मिली, जब एक गंभीर रूप से बीमार पड़े सीआरपीएफ जवान की जान बचाने के लिए पूर्व सैनिकों, एक ई-रिक्शा चालक और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तत्परता दिखाते हुए उसे बेहतर इलाज उपलब्ध कराया।
जानकारी के अनुसार केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान जयंत कुमार, जो पश्चिम बंगाल के निवासी हैं और वर्तमान में उधमपुर में तैनात हैं, अपने पिता के इलाज के लिए अचानक छुट्टी लेकर फरक्का एक्सप्रेस से घर जा रहे थे। अचानक छुट्टी मिलने के कारण उन्हें जनरल डिब्बे में यात्रा करनी पड़ी। यात्रा के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत इतनी खराब हो गई कि जब ट्रेन बक्सर रेलवे स्टेशन पहुंची तो वे स्वयं चलने-फिरने में असमर्थ हो गए। मदद की गुहार लगाने पर यात्रियों ने उन्हें ट्रेन से उतार दिया, लेकिन इसके बाद उनकी सहायता के लिए आगे आए बक्सर के हुकहा गांव निवासी ई-रिक्शा चालक अर्जुन राम। अर्जुन राम ने बिना किसी स्वार्थ के जवान को अपनी ई-रिक्शा में बैठाकर सदर अस्पताल पहुंचाया और भर्ती कराया। जवान की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई थी। अगले दिन अर्जुन राम ने आरडीपीएल हॉस्पिटल के मैनेजर संतोष चौबे से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संतोष चौबे ने इंडियन एक्स-सर्विसमेन मूवमेंट (IESM) बक्सर के जिला उपाध्यक्ष सूबेदार विद्या सागर चौबे को सूचना दी। सूचना मिलते ही सूबेदार विद्या सागर चौबे अपनी टीम के साथ मात्र 20 मिनट के भीतर सदर अस्पताल पहुंच गए। IESM की टीम ने जवान को सदर अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर तत्काल आरडीपीएल हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया, जहां उसका विशेष उपचार शुरू कराया गया। उस समय जवान का ब्लड प्रेशर मात्र 90/50 था और उसकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई थी।इसके साथ ही जवान के परिजनों को भी सूचना दी गई। बताया गया कि जवान का पूरा सामान सुरक्षित है और उसके पास ही रखा गया है। परिजन उसके पास पहुंचने के लिए रवाना हो चुके हैं और देर शाम तक बक्सर पहुंचने की संभावना है।
इस मानवीय कार्य में IESM बक्सर के जिला उपाध्यक्ष सूबेदार विद्या सागर चौबे, संयोजक सूबेदार रामनाथ सिंह, पेटी ऑफिसर सुरेंद्र सिंह, नायब सूबेदार धनंजय दुबे, आरडीपीएल हॉस्पिटल के मैनेजर संतोष चौबे तथा ई-रिक्शा चालक अर्जुन राम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्थानीय लोगों ने इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि इन लोगों की संवेदनशीलता और तत्परता के कारण एक जवान की जान बच सकी। IESM बक्सर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह केवल पूर्व सैनिकों का संगठन नहीं, बल्कि समाज सेवा और मानवता के प्रति समर्पित संस्था भी है।





