आठ महीने से मानदेय नहीं मिलने पर फूटा आशा कर्मियों का गुस्सा, राजपुर सीएचसी में प्रदर्शन
स्वास्थ्य सेवाएं ठप करने की चेतावनी, प्रभारी बोले- तकनीकी समस्या के कारण रुका भुगतान, एक सप्ताह में मिलेगा मानदेय


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिले के राजपुर प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में शनिवार की सुबह आशा कर्मियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। पिछले करीब आठ महीने से मानदेय का भुगतान नहीं होने से नाराज सैकड़ों आशा कर्मियों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रही आशा कर्मियों ने आरोप लगाया कि जिले के अन्य प्रखंडों में कार्यरत आशा कर्मियों का मानदेय समय पर जारी कर दिया गया है, लेकिन राजपुर सीएचसी के अंतर्गत विभिन्न पंचायतों में कार्यरत आशा कर्मियों को अक्टूबर 2025 से अब तक भुगतान नहीं किया गया है। बार-बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। आशा कर्मियों ने कहा कि लगातार आठ महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है, लेकिन विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। इसी कारण वे गोलबंद होकर सीएचसी परिसर पहुंचीं और चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा करते हुए स्वास्थ्य संबंधी कई सेवाओं को बंद करने का ऐलान किया। हालांकि प्रदर्शन के दौरान आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखा गया। इसके बावजूद दूर-दराज के गांवों से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को कुछ समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल में मौजूद चिकित्सा कर्मियों ने स्थिति को संभालते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया।
प्रदर्शन में बालकेसरी देवी, मंजू देवी, रमावती देवी, संगीता कुमारी, इंदु देवी, देवंती देवी, पुष्पा देवी, कुंती देवी, चंदन देवी, चानमुनी देवी सहित सैकड़ों आशा कर्मियों ने हिस्सा लिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा चरणबद्ध तरीके से बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, चिकित्सा प्रभारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि आशा कर्मियों के प्रदर्शन से स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि तकनीकी समस्या के कारण संबंधित आशा कर्मियों की आईडी लॉक हो गई थी, जिससे भुगतान प्रक्रिया बाधित हुई। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और कर्मियों से बातचीत हो चुकी है तथा एक सप्ताह के भीतर सभी आशा कर्मियों का लंबित मानदेय उनके खातों में भेज दिया जाएगा। आशा कर्मियों ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं हुआ तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी।





