OTHERS

बक्सर के डॉ. राहुल रंजन को मिलेगा ‘डॉ. आंबेडकर फेलोशिप राष्ट्रीय पुरस्कार’, जिले का बढ़ाया मान

भारतीय दलित साहित्य अकादमी, नई दिल्ली ने वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित सम्मान के लिए किया चयन; 12-13 दिसंबर को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में होंगे सम्मानित, वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में हैं असिस्टेंट प्रोफेसर

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
बिहार के बक्सर जिले के लिए गौरव की खबर है। जिले के पाण्डेयपट्टी निवासी प्रख्यात शिक्षाविद् एवं शोधकर्ता डॉ. राहुल रंजन का चयन भारतीय दलित साहित्य अकादमी, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित ‘डॉ. आंबेडकर फेलोशिप राष्ट्रीय पुरस्कार’ के लिए किया गया है। उन्हें यह सम्मान आगामी 12 एवं 13 दिसंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार की घोषणा अकादमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस. पी. सुमनाक्षर ने की है। डॉ. राहुल रंजन के इस चयन से बक्सर सहित पूरे बिहार के शैक्षणिक एवं बौद्धिक जगत में खुशी की लहर है।

 

उल्लेखनीय है कि भारतीय दलित साहित्य अकादमी की स्थापना भारत के पूर्व उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम ने की थी। अकादमी प्रत्येक वर्ष साहित्य, शिक्षा, सामाजिक चेतना तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करती है। इसी क्रम में डॉ. राहुल रंजन को उनके अकादमिक, शोधपरक एवं शैक्षणिक योगदान के लिए इस सम्मान हेतु चुना गया है। डॉ. राहुल रंजन मूल रूप से बक्सर जिले के पाण्डेयपट्टी के निवासी हैं। उनके माता-पिता स्व. श्रीमती शांति सिन्हा एवं स्व. श्री नागेंद्र प्रसाद सिन्हा थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा बक्सर के सरस्वती शिशु मंदिर में हुई। इसके बाद उन्होंने एम.पी. हाई स्कूल, बक्सर से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय का रुख किया और वहीं से अपनी अकादमिक यात्रा को आगे बढ़ाया।

 

डॉ. राहुल रंजन ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के दार्शनिक चिंतन, विचारधारा एवं सामाजिक दर्शन पर महत्वपूर्ण अकादमिक और शोधपरक कार्य किया है। संस्कृत एवं भारतीय दर्शन के क्षेत्र में उनकी गहरी रुचि रही है। शिक्षा, संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों पर उनका अध्ययन एवं अनुसंधान निरंतर जारी है। अपने शैक्षणिक जीवन में उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU), चिन्मय मिशन, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), दिल्ली सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में सेवाएं दी हैं। इसके अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय के मैत्रेयी कॉलेज एवं राजधानी कॉलेज में भी शैक्षणिक योगदान दिया है। मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा स्थापित सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन, सांची में भी उन्होंने अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, संगोष्ठियों और कार्यशालाओं में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। वर्तमान में वे दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हंसराज कॉलेज के संस्कृत विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button