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डुमरांव को मिला नया एसडीपीओ, भास्कर रंजन संभालेंगे पुलिस व्यवस्था की कमान

अपर पुलिस अधीक्षक, रेल, पटना के पद पर तैनात भास्कर रंजन की हुई नई पदस्थापना, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर बढ़ी उम्मीदें

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
बक्सर जिले के डुमरांव अनुमंडल को नए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) मिल गए हैं। राज्य सरकार की ओर से रविवार को जारी स्थानांतरण एवं पदस्थापना अधिसूचना के तहत अपर पुलिस अधीक्षक, रेल, पटना के पद पर तैनात भास्कर रंजन को डुमरांव का नया एसडीपीओ बनाया गया है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कुल 27 पुलिस पदाधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है।

 

भास्कर रंजन की नई जिम्मेदारी ऐसे समय में हुई है, जब डुमरांव अनुमंडल में एसडीपीओ के पद पर स्थायी नेतृत्व की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इससे पहले तत्कालीन एसडीपीओ पोलस्त कुमार के स्थानांतरण के बाद बक्सर साइबर डीएसपी समीर कुमार सिंह कुछ दिनों तक डुमरांव एसडीपीओ का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। अब भास्कर रंजन की पदस्थापना के बाद अनुमंडल पुलिस प्रशासन को स्थायी नेतृत्व मिलने की उम्मीद जगी है।

 

इटाढ़ी रेलवे गुमटी आंदोलन में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका

भास्कर रंजन का बक्सर से पहले भी जुड़ाव रहा है। अगस्त माह की 7 तारीख को इटाढ़ी रेलवे गुमटी खुलवाने की मांग को लेकर कांग्रेस, अतिपिछड़ा संघर्ष मोर्चा सहित विभिन्न संगठनों की ओर से रेल चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया था। उस समय भास्कर रंजन अपर पुलिस अधीक्षक, रेल के पद पर तैनात थे और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बक्सर पहुंचे थे।

प्रदर्शन के दौरान हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर करीब 25 मिनट तक रेल परिचालन प्रभावित रहा था। मौके पर पहुंचे भास्कर रंजन ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाया तथा उनकी मांगों को लेकर आश्वासन दिया। इसके बाद रेल परिचालन दोबारा बहाल कराया गया। इस दौरान मगध एक्सप्रेस समेत तीन ट्रेनें प्रभावित हुई थीं।

उनकी नई पदस्थापना को देखते हुए डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में उनसे महत्वपूर्ण पहल की उम्मीद की जा रही है।

अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग पर रहेगी नजर

डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण थाना क्षेत्र आते हैं। ऐसे में नए एसडीपीओ के सामने अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, लंबित मामलों की निगरानी, पुलिस-पब्लिक समन्वय, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने जैसी कई महत्वपूर्ण चुनौतियां रहेंगी।

भास्कर रंजन के प्रशासनिक एवं पुलिस अनुभव को देखते हुए स्थानीय स्तर पर भी उनके नेतृत्व को लेकर सकारात्मक उम्मीदें हैं। अब देखने वाली बात होगी कि डुमरांव की नई जिम्मेदारी संभालने के बाद वे अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को लेकर किस तरह की रणनीति अपनाते हैं और उसका असर अनुमंडल क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर किस रूप में दिखाई देता है।

 

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