मिठाई खाने के बाद एक ही कुनबे के 9 लोग बीमार, प्रशासन ने मिष्ठान भंडार किया सील
उल्टी-दस्त और पल्स डाउन होने की शिकायत के बाद मचा हड़कंप, अस्पताल में इलाज के बाद सभी की हालत स्थिर; मिठाई का सैंपल जांच के लिए पटना भेजने का निर्देश


न्यूज़ विज़न। बक्सर
डुमरांव अनुमंडल के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र अंतर्गत अरियांव गांव में गुरुवार को मिठाई खाने के बाद एक ही कुनबे के नौ लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने से हड़कंप मच गया। मिठाई खाने के कुछ ही देर बाद लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हुई। देखते ही देखते परिवार और पट्टीदारों के नौ लोग बीमार पड़ गए। आनन-फानन में सभी को डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की टीम ने उपचार शुरू किया। इलाज के बाद सभी मरीजों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन भी सक्रिय हो गया। एसडीएम राजीव कुमार और डीसीएलआर टेश लाल सिंह अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे और भर्ती मरीजों का हाल जाना। अधिकारियों ने चिकित्सकों से मरीजों की स्थिति और इलाज के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद एसडीएम उस मिठाई दुकान पर पहुंचे, जहां से संबंधित मिठाई खरीदी गई थी।
प्रजापति मिष्ठान भंडार में मिलीं हाइजीन संबंधी कमियां
प्रशासनिक जांच के दौरान डुमरांव राजगढ़ चौक के समीप स्थित प्रजापति मिष्ठान भंडार में खाद्य पदार्थों की साफ-सफाई और हाइजीन को लेकर गंभीर कमियां मिलने की बात सामने आई। जांच के दौरान दुकान संचालक एफएसएसएआई (FSSAI) का लाइसेंस भी प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से दुकान को सील कर दिया। एसडीएम ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे को मिठाई का सैंपल लेने और उसे जांच के लिए पटना भेजने का निर्देश दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मिठाई में किसी प्रकार की गड़बड़ी थी या फूड प्वाइजनिंग का कोई अन्य कारण रहा।
बेटे के जन्म की खुशी में बांटी गई थी मिठाई
जानकारी के अनुसार अरियांव निवासी धनेश्वर सिंह ने बुधवार की शाम डुमरांव राजगढ़ चौक के पास स्थित प्रजापति मिष्ठान भंडार से करीब दो किलो मिठाई खरीदी थी। इसमें एक किलो क्रीम मिठाई और एक किलो कालाजामुन शामिल था। बताया जाता है कि धनेश्वर सिंह के पट्टीदार संदीप कुमार सिंह, निवासी इमिलिया, रामगढ़ के यहां पुत्र का जन्म हुआ था। इसी खुशी में मिठाई खरीदी गई थी। गुरुवार की सुबह परिवार और पट्टीदारों के बीच मिठाई बांटी गई। धनेश्वर सिंह की माता गिरजा देवी ने गांव में मिठाई का वितरण किया। मिठाई खाने के कुछ ही समय बाद अंजलि सिंह, प्रियंका सिंह, रेयांश, प्रीति सिंह, अनिल कुमार सिंह, प्रीति कुमारी, गीता देवी, लालबाबू सिंह और रीना देवी की तबीयत बिगड़ने लगी। सभी को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। कुछ मरीजों की पल्स भी काफी कम हो गई थी, जिसके बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई और सभी को अस्पताल पहुंचाया गया।
चिकित्सकों ने फूड प्वाइजनिंग जैसे लक्षण बताए
मरीजों का इलाज कर रहे चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. लोकेश कुमार ने बताया कि मरीजों में फूड प्वाइजनिंग जैसे लक्षण पाए गए थे। उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत थी और कुछ समय के लिए उनकी पल्स भी काफी डाउन हो गई थी। उपचार के बाद सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है और फिलहाल वे खतरे से बाहर हैं। अस्पताल में प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. शिव कुमार चौधरी, डॉ. लोकेश कुमार, फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. अजय कुमार सिंह सहित चिकित्सकीय टीम मरीजों की निगरानी में लगी रही। लैब टेक्नीशियन के नहीं रहने पर एसडीएम ने जताई नाराजगी मरीजों की जांच के दौरान अनुमंडलीय अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के मौजूद नहीं रहने पर एसडीएम ने नाराजगी जताई। अस्पताल प्रशासन की ओर से बताया गया कि लैब टेक्नीशियन की ड्यूटी सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक निर्धारित है, जबकि मरीज दोपहर बाद अस्पताल पहुंचे थे। एसडीएम ने तत्काल लैब टेक्नीशियन को अस्पताल बुलाकर सभी मरीजों के ब्लड सैंपल लेने और आवश्यक जांच कराने का निर्देश दिया। इसके बाद टेक्नीशियन अस्पताल पहुंचा और मरीजों की जांच प्रक्रिया शुरू की गई।
दुकानदार ने मिठाई खराब होने के आरोप से किया इनकार
वहीं, दुकान के प्रोपराइटर राहुल प्रजापति ने मिठाई में गड़बड़ी के आरोप से इनकार किया है। उनका कहना है कि मिठाई खरीदने के दौरान ग्राहक ने उसका स्वाद भी चखा था। उन्होंने आशंका जताई कि मिठाई घर ले जाने के बाद यदि उसे उचित तापमान या सही तरीके से संरक्षित नहीं किया गया होगा, तो उसके खराब होने की संभावना हो सकती है। हालांकि, मिठाई से ही फूड प्वाइजनिंग हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी, इसका अंतिम निर्धारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी जिम्मेदारी
प्रशासन ने दुकान को मिठाई के सैंपल की जांच रिपोर्ट आने तक सील कर दिया है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और यदि किसी की लापरवाही या खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम राजीव कुमार ने कहा कि नौ लोगों को फूड प्वाइजनिंग की समस्या हुई थी। सूचना मिली थी कि प्रजापति मिष्ठान भंडार की मिठाई खाने के बाद यह समस्या हुई। सैंपल की जांच रिपोर्ट आने तक दुकान को सील किया गया है। साथ ही मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की कोताही न हो, इसका भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।





