एमपी हाई स्कूल के पूर्व प्रधानाध्यापक दयाशंकर सिंह का निधन, शिक्षा जगत में शोक
अनुशासन और विद्यालय के विकास में रहा अहम योगदान, नवोदय विद्यालय संगठन में भी दी थी सेवाएं; प्राचार्य अरविंद कुमार ने बताया अपना पथ प्रदर्शक


न्यूज़ विज़न। बक्सर
एमपी उच्च विद्यालय, बक्सर के पूर्व प्रधानाध्यापक एवं शिक्षा जगत की जानी-मानी शख्सियत दयाशंकर सिंह का गुरुवार को दिल्ली स्थित मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वे करीब 90 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। बताया गया कि उनके सिर में ब्लड क्लॉट होने के बाद उनका उपचार दिल्ली के मेदांता अस्पताल में चल रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही शिक्षा जगत और एमपी उच्च विद्यालय परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
दयाशंकर सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान एमपी उच्च विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने, विद्यालय में अनुशासन स्थापित करने तथा विद्यालय के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके नेतृत्व और कार्यशैली का विद्यालय परिवार पर लंबे समय तक प्रभाव रहा। शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के साथ-साथ उन्होंने नवोदय विद्यालय संगठन में भी अपनी सेवाएं दी थीं। एमपी उच्च विद्यालय के वर्तमान प्राचार्य अरविंद कुमार दयाशंकर सिंह से विशेष रूप से प्रभावित रहे हैं। वे उन्हें अपना पथ प्रदर्शक मानते थे। दयाशंकर सिंह के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्राचार्य अरविंद कुमार ने कहा कि उनका जाना केवल विद्यालय परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि दयाशंकर सिंह जैसे अनुशासनप्रिय, कर्मठ और मार्गदर्शक व्यक्तित्व की कमी को पूरा कर पाना संभव नहीं है।
प्राचार्य ने कहा कि दयाशंकर सिंह ने अपने कार्यों और विचारों से कई पीढ़ियों को प्रभावित किया। उनका व्यक्तित्व शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा। विद्यालय के विकास और बेहतर शैक्षणिक माहौल के लिए उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। दयाशंकर सिंह के निधन पर एमपी उच्च विद्यालय के प्राचार्य अरविंद कुमार के नेतृत्व में विद्यालय के शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों और पूरे विद्यालय परिवार ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।
शिक्षा जगत में छोड़ी अमिट छाप
दयाशंकर सिंह का जीवन शिक्षा, अनुशासन और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के प्रति समर्पित रहा। उनके निधन से बक्सर के शिक्षा जगत ने एक अनुभवी और मार्गदर्शक व्यक्तित्व खो दिया है। विद्यालय परिवार के अनुसार उनकी स्मृतियां और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।





