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अमर वीर गोपाल जी खरवार की शौर्य यात्रा से गूंजा डुमराँव, तिरंगे के साथ उमड़ा जनसैलाब

1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में अंग्रेजी हुकूमत के प्रतीक पुराने थाना पर तिरंगा फहराने के दौरान शहीद हुए गोपाल जी खरवार को दी गई श्रद्धांजलि, शहादत स्थल पर पूजा-अर्चना और माल्यार्पण कर लिया गया उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 16 अगस्त को ब्रिटिश हुकूमत के प्रतीक पुराने थाना पर तिरंगा फहराने के प्रयास में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर वीर सपूत गोपाल जी खरवार की शहादत को याद करते हुए रविवार को डुमराँव नगर में भव्य शौर्य यात्रा सह शोभायात्रा का आयोजन किया गया। युवा खरवार महासभा बिहार, जिला कमिटी बक्सर के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में खरवार समाज के सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अमर शहीद के बलिदान को नमन किया।

 

शौर्य यात्रा का शुभारंभ अमर वीर गोपाल जी खरवार के निजी गृह आवास स्थित गोपाल जी गेट से हुआ। अमर वीर की तस्वीर के साथ निकली शोभायात्रा चौक रोड होते हुए शहीद स्मारक पार्क स्थित उनके शहादत स्थल तक पहुंची। हाथों में तिरंगा लिए बड़ी संख्या में लोग देशभक्ति के नारों के साथ यात्रा में शामिल हुए। गाजे-बाजे के साथ निकली इस यात्रा ने पूरे डुमराँव नगर में देशभक्ति का माहौल बना दिया। यात्रा के दौरान “भारत माता की जय”, “इंकलाब जिंदाबाद”, “1942 के वीर शहीद अमर रहें” और “अमर वीर गोपाल जी खरवार अमर रहें” जैसे नारों से पूरा नगर गूंजता रहा। समाज के लोगों ने कहा कि गोपाल जी खरवार का बलिदान केवल एक व्यक्ति की शहादत नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाली उस पीढ़ी के अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।

 

शहादत स्थल पर अर्पित की श्रद्धांजलि

शौर्य यात्रा के शहीद स्मारक पार्क स्थित शहादत स्थल पर पहुंचने के बाद अमर वीरों की प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम में गोपाल जी खरवार द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने और देशप्रेम, साहस तथा सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग, बिहार सरकार के सदस्य राजू खरवार ने कहा कि अमर वीर गोपाल जी खरवार जैसे वीर सपूतों का बलिदान देश और समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे वीरों की शहादत और उनके संघर्ष की गाथा नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत है गोपाल जी की शौर्यगाथा

वहीं युवा खरवार महासभा बिहार के प्रदेश अध्यक्ष राजेश खरवार ने कहा कि गोपाल जी खरवार की शौर्यगाथा केवल खरवार समाज की धरोहर नहीं है, बल्कि यह देश के स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि समाज के वीर शहीदों के इतिहास और उनके बलिदान को सम्मान के साथ जन-जन तक पहुंचाने के लिए युवा खरवार महासभा निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन में स्थानीय स्तर पर जिन वीरों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया, उनके योगदान को इतिहास के पन्नों में उचित स्थान मिलना चाहिए। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

बड़ी संख्या में समाज के लोग रहे मौजूद

शौर्य यात्रा एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में युवा खरवार महासभा बिहार जिला कमिटी बक्सर के जिला अध्यक्ष परमानंद खरवार, जिला उपाध्यक्ष नंदू खरवार, जिला महासचिव शैलेश खरवार, प्रखंड अध्यक्ष सुनील खरवार, छोटू खरवार, दुर्गेश खरवार, तरुण खरवार सहित संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और खरवार समाज के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में युवा खरवार महासभा बिहार जिला कमिटी बक्सर की ओर से अमर वीर गोपाल जी खरवार को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा गया कि उनकी शहादत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा देशप्रेम, साहस और सामाजिक एकता की प्रेरणा देती रहेगी।

अमर वीर गोपाल जी खरवार अमर रहें।
1942 के वीर शहीद अमर रहें।

 

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