बक्सर सदर अस्पताल का ब्लड बैंक सवालों के घेरे में, रक्तदाताओं ने उठाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल
रक्तदाताओं का आरोप—सम्मान के बजाय हो रही उपेक्षा, पानी तक की व्यवस्था नहीं; विधायक के आश्वासन और सहयोग पोर्टल पर शिकायत के बाद भी हालात जस के तस


न्यूज़ विज़न। बक्सर
सदर अस्पताल परिसर में संचालित ब्लड बैंक की व्यवस्थाओं को लेकर अब नियमित रक्तदाताओं ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रविवार को ब्यूटीफुल लाइफ ऑन डोनेटिंग (BLOOD) संस्थान के संस्थापक सह संयोजक प्रियेश के नेतृत्व में सदस्य सुमित मानसिंहका, पंकज मानसिंहका, रोहतास गोयल समेत कई रक्तदाताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ब्लड बैंक की मौजूदा व्यवस्था पर नाराजगी जताई। रक्तदाताओं ने कहा कि बक्सर ब्लड बैंक को शाहाबाद क्षेत्र में सर्वाधिक रक्तदान के मामले में राज्य स्तर पर पहचान दिलाने में नियमित रक्तदाताओं और सामाजिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में रक्तदान कर लोगों की जिंदगी बचाने वाले डोनरों के साथ सम्मानजनक व्यवहार और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
रक्तदाताओं ने लगाए अनदेखी के आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रियेश समेत अन्य रक्तदाताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में नियमित डोनरों की अनदेखी की जा रही है और उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि रक्तदान करने आने वाले लोगों के लिए मूलभूत सुविधाएं तक पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। रक्तदाताओं के अनुसार ब्लड बैंक में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होना, पंखे का बंद रहना और एसी के काम नहीं करने जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में रक्तदान करने पहुंचने वाले लोगों को इन समस्याओं के कारण काफी परेशानी होती है।
आरा ब्लड बैंक में रक्तदान शुरू किया गया
प्रियेश ने बताया कि इससे पहले भी ब्लड बैंक की व्यवस्थाओं से परेशान होकर कई रक्तदाताओं ने बक्सर के बजाय आरा ब्लड बैंक में रक्तदान करना शुरू कर दिया था। इसके बाद सदर विधायक आनंद मिश्रा और रेड क्रॉस के पदाधिकारियों की पहल पर बैठक आयोजित हुई थी। बैठक में ब्लड बैंक की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया था। विधायक की ओर से वाटर कूलर, एसी, पंखे समेत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। रक्तदाताओं को उम्मीद थी कि इसके बाद ब्लड बैंक की व्यवस्था में सुधार होगा।
सहयोग पोर्टल पर भी पहुंची शिकायत
रक्तदाताओं ने बताया कि ब्लड बैंक की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के सहयोग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के बाद सिविल सर्जन की ओर से जवाब दिया गया कि ब्लड बैंक की सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया गया है। हालांकि, रक्तदाताओं का दावा है कि जमीनी हकीकत अब भी अलग है और व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उनका कहना है कि शिकायत और आश्वासन के बावजूद आज भी डोनरों को कई मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
‘रक्तदान करने वालों को अपेक्षित न किया जाए’
रक्तदाताओं ने कहा कि रक्तदान किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि जरूरतमंद मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए किया जाता है। ऐसे में नियमित रक्तदाताओं को सम्मान और सुविधाएं मिलनी चाहिए, न कि उन्हें व्यवस्था के लिए परेशान होना पड़े। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से मांग की कि ब्लड बैंक की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष समीक्षा कराकर सभी मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही रक्तदाताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में रक्तदान करने आने वाले किसी भी व्यक्ति को परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रबंधन की जवाबदेही तय करने की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अस्पताल प्रबंधन, डीएस और सिविल सर्जन स्तर पर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने की बात भी रक्तदाताओं की ओर से कही गई। रक्तदाताओं ने मांग की कि ब्लड बैंक की समस्याओं को लेकर जिम्मेदारी स्पष्ट की जाए और सुधार के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो। रक्तदाताओं का कहना है कि यदि ब्लड बैंक की व्यवस्था बेहतर होती है तो अधिक से अधिक लोग स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आएंगे। वहीं, यदि रक्तदाताओं को ही मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ेगा तो इसका सीधा असर भविष्य के रक्तदान अभियानों पर पड़ सकता है। रक्तदाताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि ब्लड बैंक की व्यवस्था को बेहतर बनाना है, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त मिल सके और रक्तदान करने वाले लोगों को सम्मानजनक एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो।
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