फाउंडेशन स्कूल में देशभक्ति के रंग में रंगा स्वतंत्रता दिवस समारोह, विद्यार्थियों ने जीवंत की वीरता और राष्ट्रप्रेम की गाथा
नारी सशक्तिकरण से लेकर भारतीय सेना के शौर्य और स्वतंत्रता संग्राम तक, विद्यार्थियों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने बांधा समां; कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का दिया संदेश


न्यूज़ विज़न। बक्सर
फाउंडेशन स्कूल, बक्सर में शनिवार, 15 अगस्त को भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों की भारी उपस्थिति रही। पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रप्रेम, उत्साह और देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।
समारोह का शुभारंभ G.D. Mishra Institute of Higher Studies (B.Ed एवं D.El.Ed कॉलेज) के प्राचार्य डॉ. जे.आर. चौधरी ने ध्वजारोहण कर किया। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ वातावरण देशभक्ति की भावना से गूंज उठा। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों की प्रतिभा, अनुशासन, मेहनत और शानदार प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
विद्यार्थियों ने प्रस्तुतियों से जगाई राष्ट्रप्रेम की अलख
स्वतंत्रता दिवस समारोह में विद्यार्थियों ने विभिन्न नाट्य प्रस्तुतियों, देशभक्ति गीतों और मनमोहक नृत्यों के माध्यम से इतिहास, समाज और राष्ट्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने नारी सशक्तिकरण, नारी शिक्षा, भारतीय सेना के शौर्य, रानी लक्ष्मीबाई के अदम्य साहस, डांडी मार्च, जलियांवाला बाग हत्याकांड, ऊधम सिंह की जीवनी, वृद्धाश्रम और शिक्षा जैसे विषयों पर भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने स्वतंत्रता संग्राम के गौरवपूर्ण एवं अविस्मरणीय प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया। वहीं सामाजिक विषयों पर आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज को जागरूकता और जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। देशभक्ति गीतों और आकर्षक नृत्यों ने समारोह में मौजूद लोगों में राष्ट्र के प्रति गर्व और सम्मान की भावना को और मजबूत कर दिया।
एक दिन नहीं, पूरे सप्ताह मनाया गया स्वतंत्रता दिवस
विद्यालय के प्राचार्य मनोज त्रिगुण ने बताया कि फाउंडेशन स्कूल प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में विश्वास रखता है। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की संख्या अधिक होने के कारण इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह को केवल एक दिन तक सीमित न रखकर ‘स्वतंत्रता सप्ताह’ के रूप में मनाया गया। इसके तहत 12 अगस्त को नर्सरी से कक्षा 1, 13 अगस्त को कक्षा 2 एवं 3 तथा 14 अगस्त को कक्षा 4 एवं 5 के विद्यार्थियों ने विद्यालय के ऑडिटोरियम में अपने अभिभावकों की मौजूदगी में शानदार प्रस्तुतियां दीं। वहीं 15 अगस्त को कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रप्रेम और देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी समझना जरूरी : प्राचार्य
समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य मनोज त्रिगुण ने विद्यार्थियों से कहा कि हम अक्सर अपने मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहते हैं, लेकिन कई बार अपने मौलिक कर्तव्यों को भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन भी उतनी ही निष्ठा और जागरूकता के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति सच्ची श्रद्धा केवल देशभक्ति के नारों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अभिभावकों के सहयोग की प्राचार्य ने की सराहना
प्राचार्य ने समारोह की सफलता में अभिभावकों की भूमिका की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस समर्पण और मेहनत से अभिभावकों ने अपने बच्चों को कार्यक्रम के लिए तैयार किया, वह बेहद प्रशंसनीय है। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को देखकर ऐसा महसूस हुआ मानो स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवगाथाएं स्वयं विद्यालय के मंच पर जीवंत हो उठी हों। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े आयोजन की सफलता किसी एक व्यक्ति के प्रयास से संभव नहीं होती। इसके पीछे शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों, अभिभावकों और सपोर्ट स्टाफ का सामूहिक प्रयास, समर्पण और अथक परिश्रम होता है। सभी के सहयोग से इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस समारोह नई ऊंचाइयों तक पहुंचा।
समारोह ने दिया राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के भीतर देश के प्रति गर्व, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना साफ दिखाई दी। विद्यार्थियों की भावपूर्ण और प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने स्वतंत्रता दिवस को महज एक उत्सव नहीं रहने दिया, बल्कि इसे राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध, इतिहास की स्मृति और सामाजिक चेतना का जीवंत संदेश बना दिया। समारोह के समापन तक विद्यालय परिसर देशभक्ति के उत्साह से सराबोर रहा और विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों की खूब वाहवाही बटोरी।





