CRIME

जंगली सूअर के हमले से 70 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत, छह लोग घायल

डिहरी गांव में अचानक पहुंचा जंगली सूअर, महिला समेत कई लोगों पर किया ताबड़तोड़ हमला; ग्रामीणों में दहशत, मुआवजे और सुरक्षा की मांग

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
राजपुर थाना क्षेत्र के डिहरी गांव में मंगलवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कर्मनाशा नदी की ओर से भटककर एक जंगली सूअर गांव में पहुंच गया और कई लोगों पर हमला कर दिया। जंगली सूअर के हमले में 70 वर्षीय रजपतिया देवी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने पहुंचे सुग्रीव राजभर समेत करीब छह लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।

 

मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार की दोपहर रजपतिया देवी अपने दरवाजे के पास बैठकर घरेलू काम कर रही थीं। इसी दौरान अचानक नदी घाट की तरफ से भटककर एक जंगली सूअर गांव की ओर आ गया। देखते ही देखते उसने ग्रामीणों पर हमला करना शुरू कर दिया। जंगली सूअर को लोगों की तरफ बढ़ता देखकर रजपतिया देवी भी भयभीत होकर चिल्लाने लगीं। इसी दौरान जंगली सूअर उनके पास पहुंच गया और उन पर कई बार ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। महिला को बचाने के लिए आसपास के ग्रामीण दौड़े, लेकिन जंगली सूअर ने उन पर भी हमला कर दिया। इस दौरान सुग्रीव राजभर सहित करीब छह लोग घायल हो गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह जंगली सूअर से लोगों को बचाया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। वहीं, गंभीर रूप से घायल रजपतिया देवी को चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया।

 

बरसात में हर साल गांवों की ओर भटक आते हैं जंगली जानवर

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में कर्मनाशा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण जंगली जानवर अपने प्राकृतिक ठिकानों से निकलकर सुरक्षित स्थान की तलाश में गांवों की ओर आ जाते हैं। कई बार ये जानवर आबादी के बीच पहुंच जाते हैं और लोगों के लिए खतरा बन जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पहले भी जंगली जानवरों के हमले की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिनमें लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इसके बावजूद गांवों के आसपास जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।

सरकार से मुआवजे और सुरक्षा व्यवस्था की मांग

घटना के बाद समाजसेवी प्रेम कुशवाहा और महातिम राम ने सरकार एवं संबंधित विभाग से मृतका के परिजनों को उचित मुआवजा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है। बताया गया कि जंगली जानवरों के हमले में व्यक्ति की मौत या घायल होने तथा पालतू पशुओं की मौत या घायल होने की स्थिति में वन विभाग की ओर से नियमानुसार मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। ऐसे मामलों में ग्रामीणों को जागरूक रहने की जरूरत है।

पोस्टमार्टम कराना जरूरी

ग्रामीणों को यह भी ध्यान रखना होगा कि जंगली जानवर के हमले में किसी व्यक्ति या पशु की मौत होने की स्थिति में मुआवजे की प्रक्रिया के लिए पोस्टमार्टम एवं आवश्यक सरकारी प्रक्रिया पूरी कराना महत्वपूर्ण है। इससे घटना की पुष्टि और मुआवजे के दावे की प्रक्रिया में मदद मिलती है। डिहरी गांव की इस घटना ने एक बार फिर नदी किनारे बसे ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही और उससे उत्पन्न खतरे को सामने ला दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं वन विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित परिवार को तत्काल सहायता और गांव की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

 

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