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छपरा घटना के विरोध में बक्सर के सभी बीडीओ ने काला बिल्ला लगाकर किया कार्य, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की उठाई मांग

विधि-व्यवस्था ड्यूटी के दौरान अधिकारियों पर हमले को बताया गंभीर चिंता का विषय, प्रत्येक बीडीओ के साथ स्थायी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और बेहतर इलाज व मुआवजे की नीति बनाने की मांग

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
छपरा में विधि-व्यवस्था संधारण के दौरान दो प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) के गंभीर रूप से घायल होने की घटना के विरोध और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर सोमवार को बक्सर जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों ने काला बिल्ला लगाकर अपने-अपने कार्यालयों में कार्य किया। इस दौरान अधिकारियों ने राज्य सरकार से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठाई।

 

प्रखंड विकास पदाधिकारी चक्की लालबाबू पासवान ने बताया कि छपरा में विधि-व्यवस्था ड्यूटी के दौरान सदर प्रखंड की बीडीओ दृष्टि पाठक तथा रिविलगंज के बीडीओ रितेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी अक्सर विधि-व्यवस्था संधारण, जनसुनवाई, कार्यालयीन कार्य, सरकारी योजनाओं के निरीक्षण, क्षेत्र भ्रमण एवं अन्य प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करते हैं। ऐसे में उन्हें कई बार तनावपूर्ण और संवेदनशील परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था आवश्यक है।

 

बक्सर जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से राज्य सरकार से मांग की कि प्रत्येक बीडीओ के साथ स्थायी रूप से कम से कम दो प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाए। ये सुरक्षा कर्मी केवल विधि-व्यवस्था ड्यूटी के दौरान ही नहीं, बल्कि कार्यालयीन कार्य, जनसुनवाई, क्षेत्र भ्रमण और अन्य सभी सरकारी दायित्वों के निर्वहन के दौरान भी उनके साथ रहें, ताकि किसी भी अप्रिय या असामाजिक स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। इसके अलावा अधिकारियों ने यह भी मांग की कि यदि किसी सरकारी दायित्व या विधि-व्यवस्था संधारण के दौरान कोई प्रखंड विकास पदाधिकारी गंभीर रूप से घायल होता है, तो उसके सर्वोत्तम उपचार की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा उच्च स्तरीय अस्पताल में पूर्णतः सरकारी खर्च पर सुनिश्चित की जाए।

बीडीओ संघ ने यह भी मांग रखी कि ड्यूटी के दौरान घायल होने अथवा किसी अधिकारी की मृत्यु होने की स्थिति में विशेष क्षतिपूर्ति, पर्याप्त बीमा सुरक्षा तथा उनके आश्रितों के लिए समुचित आर्थिक एवं सामाजिक सहायता की स्पष्ट और प्रभावी नीति बनाई जाए। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इससे न केवल अधिकारी निर्भीक होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक प्रभावी और मजबूत होगी।

 

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