विशेष लोक अदालत में 9 चेक बाउंस मामलों का हुआ निपटारा, 27.52 लाख रुपये पर हुआ समझौता
प्रधान जिला जज काजल झाम्ब ने किया उद्घाटन, ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों माध्यमों से हुई सुनवाई; न्यायिक दंडाधिकारी दिवाकर राम की अनूठी पहल—समझौते के बाद वादियों को पौधे लगाने का दिया संदेश


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर के तत्वावधान में शनिवार को विधिक सेवा प्राधिकार भवन में परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) की धारा 138 के अंतर्गत लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस विशेष लोक अदालत में चेक बाउंस एवं वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार काजल झाम्ब, जिला अधिवक्ता संघ के सचिव बिंदेश्वरी पांडे तथा अन्य न्यायिक पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला जज काजल झाम्ब ने कहा कि विशेष लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित, सरल एवं सौहार्दपूर्ण समाधान कराना है। उन्होंने पक्षकारों से अपील करते हुए कहा कि आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन कर न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस विशेष लोक अदालत का मुख्य फोकस परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत आने वाले चेक बाउंस एवं वित्तीय लेनदेन से संबंधित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर केंद्रित है। इस बार वादों की सुनवाई वर्चुअल (ऑनलाइन) और फिजिकल (ऑफलाइन) दोनों माध्यमों से की गई, ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले पक्षकारों को भी न्याय प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव नेहा दयाल ने उपस्थित अधिकारियों एवं आम लोगों से अपील की कि वे लोक अदालत की इस व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने लंबित मामलों का आपसी सहमति से समाधान कर न्यायिक प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाने में सहयोग करें। विशेष लोक अदालत में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी दिवाकर राम एवं पैनल अधिवक्ता प्रमिला पाठक की पीठ ने कुल 9 मामलों का सफलतापूर्वक सुलह-समझौते के आधार पर निपटारा किया। इन मामलों में कुल 27 लाख 52 हजार रुपये की समझौता राशि पर दोनों पक्षों ने सहमति जताते हुए हस्ताक्षर किए।
इस दौरान न्यायिक दंडाधिकारी दिवाकर राम ने एक सराहनीय एवं अनूठी पहल की शुरुआत करते हुए समझौते के बाद वादियों से पौधे लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल एक पौधा लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास है। उनका उद्देश्य न्याय के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी संदेश देना है, ताकि शहर को अधिक हरित और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके। विशेष लोक अदालत के सफल आयोजन से न केवल लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन हुआ, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को सरल, सुलभ और सौहार्दपूर्ण बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





