OTHERS

मां की पुण्यतिथि पर मानवता की मिसाल: रोटी बैंक के सहयोग से सैकड़ों जरूरतमंदों को कराया भोजन, पर्यावरण और देहदान का दिया संदेश

आसा पर्यावरण सुरक्षा एवं दधीचि देह दान समिति के संयोजक विपिन कुमार ने स्व. कंचन देवी की सातवीं पुण्यतिथि पर किया सेवा कार्य, रोटी बैंक से जुड़ने और अन्न बर्बादी रोकने की अपील

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
रेलवे स्टेशन के बाहरी परिसर में शनिवार को मानव सेवा और सामाजिक सरोकार की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। आसा पर्यावरण सुरक्षा के राज्य संयोजक एवं दधीचि देह दान समिति, बक्सर के संयोजक विपिन कुमार ने अपनी माता स्वर्गीय कंचन देवी की सातवीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी स्मृति में रोटी बैंक, बक्सर के सहयोग से सैकड़ों गरीब, लाचार एवं असहाय लोगों के बीच भोजन वितरण कराया।

 

इस अवसर पर जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक भोजन कराते हुए विपिन कुमार ने कहा कि समाज में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे, इसके लिए प्रत्येक नागरिक को आगे आना चाहिए। उन्होंने रोटी बैंक द्वारा प्रतिदिन जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने की पहल की सराहना करते हुए इसे इंसानियत की सच्ची सेवा बताया। उन्होंने कहा कि जीवन के लिए शुद्ध हवा, स्वच्छ जल और पौष्टिक भोजन तीनों आवश्यक हैं। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए, जल संरक्षण को अपनाना चाहिए और भूखे लोगों तक भोजन पहुंचाने के लिए रोटी बैंक जैसे अभियानों से जुड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपनी माता की पुण्यतिथि पर जरूरतमंदों को भोजन कराकर उन्हें आत्मिक संतोष और आनंद की अनुभूति हो रही है।

 

रोटी बैंक के संयोजक रस बिहारी ओझा ने लोगों से अन्न की बर्बादी रोकने की अपील करते हुए कहा कि जन्मदिन, शादी की सालगिरह, श्राद्ध कर्म एवं अन्य पारिवारिक अवसरों पर रोटी बैंक के माध्यम से असहाय और जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाकर इस सेवा अभियान को निरंतर आगे बढ़ाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान जितेंद्र कुमार सिंह, दरोगा तिवारी, राधेश्याम सिंह, ओम जी, रस बिहारी ओझा, प्रशांत सिंह, डॉ. इरसाद, राजू मिश्रा, मंगरू श्रीवास्तव, लक्ष्मण यादव, चंदन कुमार सिंह, रोहित कुमार, राज शेखर, विवेक कुमार सिंह सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम के अंत में विपिन कुमार ने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अंगदान एवं देहदान के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश देते हुए कहा कि वृक्षारोपण से आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध ऑक्सीजन मिलेगी, जबकि मरणोपरांत अंगदान और देहदान के माध्यम से अनेक लोगों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियां लाई जा सकती हैं। उन्होंने समाज से इन दोनों जनहितकारी अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button