4-5 वर्षों से बह रहा अमृत जल! पीएचडी पाइप लीकेज से हजारों लीटर पानी बर्बाद, स्थानीय लोगों में आक्रोश
वार्ड 32 में सड़क किनारे पाइप फटने से राहगीर और दुकानदार परेशान, बार-बार शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं


न्यूज़ विज़न। बक्सर
शहर के मेन रोड स्थित सिंडिकेट के समीप वार्ड संख्या 32 में प्रदुम्मन जी के हाता के सामने पीएचडी (लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग) की पाइपलाइन में वर्षों से हो रहे लीकेज के कारण हजारों लीटर पेयजल प्रतिदिन बर्बाद हो रहा है। स्थिति यह है कि सड़क किनारे लगातार बह रहे पानी से स्थानीय लोगों, दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद संबंधित विभाग और नगर परिषद की ओर से स्थायी मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर वार्ड पार्षद, नगर परिषद और पीएचडी विभाग को बार-बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक केवल खानापूर्ति की गई है। विभाग द्वारा कभी-कभी अस्थायी मरम्मत कर दी जाती है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद पाइप फिर से लीक होने लगता है और समस्या जस की तस बनी रहती है। अपर लोक अभियोजक सह वरीय अधिवक्ता आदित्य कुमार वर्मा उर्फ लड्डू जी ने बताया कि यह समस्या पिछले चार से पांच वर्षों से बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत के बाद विभागीय कर्मी पहुंचकर अस्थायी मरम्मत कर देते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने के कारण कुछ दिनों बाद फिर पानी बहने लगता है। इससे न केवल जल की भारी बर्बादी हो रही है, बल्कि सरकारी संसाधनों का भी नुकसान हो रहा है।
स्थानीय दुकानदार सुमन गुप्ता, परवीन कुमार, अरशद अंसारी, पंकज कुमार, आदित्य कुमार और राजू श्रीवास्तव समेत अन्य लोगों ने बताया कि लगातार सड़क पर पानी बहने से आसपास की दुकानदारी प्रभावित हो रही है। ग्राहकों को आने-जाने में परेशानी होती है और सड़क पर कीचड़नुमा स्थिति बन जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार पानी के रिसाव के कारण सड़क फिसलन भरी हो जाती है, जिससे बाइक सवार दुर्घटना का शिकार होकर गिर चुके हैं। स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया कि जब जल संरक्षण को लेकर सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही है, तब वर्षों से हो रही इस जल बर्बादी पर संबंधित विभाग की चुप्पी समझ से परे है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पाइपलाइन की स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई तो समस्या और गंभीर हो सकती है। क्षेत्रवासियों ने नगर परिषद एवं पीएचडी विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्थायी मरम्मत कराई जाए, ताकि पेयजल की बर्बादी रोकी जा सके और आम लोगों को राहत मिल सके।
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