बकरा कारोबारी से 6 लाख की लूट का 48 घंटे में खुलासा, दोस्त ही निकला मास्टरमाइंड
लाइनर बनकर अपराधियों को देता रहा हर जानकारी, पुलिस ने एक लाख रुपये बरामद कर मुख्य साजिशकर्ता को दबोचा; तीन आरोपी अब भी फरार


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर जिले के नया भोजपुर थाना क्षेत्र में मटन और बकरा व्यवसायी से हुई छह लाख रुपये की सनसनीखेज लूटकांड का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि पीड़ित का करीबी परिचित ही पूरे लूटकांड का मास्टरमाइंड निकला। उसने ही लाइनर बनकर अपराधियों को कारोबारी की गतिविधियों, पैसों और लोकेशन की सटीक जानकारी उपलब्ध कराई थी। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर उसके पास से लूट की रकम में से एक लाख रुपये बरामद कर लिए हैं, जबकि वारदात में शामिल तीन अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
सोमवार को नया भोजपुर थाने में आयोजित प्रेस वार्ता में डुमरांव एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान बड़की सारिमपुर निवासी जियाउल इस्लाम उर्फ सिपाही के रूप में हुई है। वह पीड़ित राजा कुरैशी का करीबी परिचित था और उसी ने योजनाबद्ध तरीके से अपराधियों को सूचना देकर घटना को अंजाम दिलाया। पुलिस के अनुसार डुमरांव के चिकटोली निवासी राजा कुरैशी बकरा खरीद-बिक्री और मटन व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। आगामी बकरीद पर्व को देखते हुए वह बड़े स्तर पर बकरों की खरीदारी कर पटना भेजने की तैयारी में था। इसी उद्देश्य से उसने दो दिन पहले छह लाख रुपये कर्ज लिए थे। राजा ने अपने परिचित जियाउल इस्लाम को साथ लेकर बक्सर जाने का फैसला किया, ताकि विभिन्न गांवों से बकरों की खरीदारी की जा सके।
दोनों बक्सर पहुंचे और चार बकरों का सौदा भी तय हुआ, लेकिन कीमत पर सहमति नहीं बनने के कारण खरीदारी नहीं हो सकी। इसके बाद दोनों वापस लौटने लगे। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी दौरान जियाउल इस्लाम ने अपने संपर्क में मौजूद अपराधियों को सूचना दे दी कि राजा के पास भारी मात्रा में नकदी है और रास्ते में उसे आसानी से निशाना बनाया जा सकता है। योजना के तहत जैसे ही राजा नया भोजपुर थाना क्षेत्र के सब्जी मंडी के पास एक समोसे की दुकान पर बैठा, तभी बाइक सवार तीन अपराधी वहां पहुंचे। हथियार के बल पर अपराधियों ने राजा से छह लाख रुपये लूट लिए और मौके से फरार हो गए। वारदात के दौरान जियाउल इस्लाम भी आसपास मौजूद रहकर पूरी गतिविधि पर नजर बनाए हुए था। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी ब्रह्मपुर की ओर भाग निकले, जहां आपस में रकम का बंटवारा किया गया।
लूट की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। एसपी शुभम आर्य के निर्देश पर एसडीपीओ पोलस्त कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में सीआई अरविंद कुमार, डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा, नया भोजपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार, कृष्णाब्रह्म थानाध्यक्ष रवि कुमार, नया भोजपुर थाने के सुमन कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस को तब शक हुआ जब पीड़ित राजा कुरैशी अपने बयान लगातार बदलने लगा। पूछताछ में विरोधाभास बढ़ने पर पुलिस ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर गहराई से जांच शुरू की। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह सामान्य लूट नहीं, बल्कि अंदरूनी साजिश का मामला है और इसमें राजा के परिचित जियाउल इस्लाम की भूमिका संदिग्ध है। इसके बाद पुलिस ने जियाउल को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने पूरी साजिश कबूल कर ली।
पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। हालांकि वारदात में शामिल अन्य तीन अपराधी अब भी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही घटना में इस्तेमाल हथियार और शेष लूटी गई रकम भी बरामद की जाएगी। एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने कहा कि यदि पीड़ित शुरुआत से ही पुलिस को सही और स्पष्ट जानकारी देता, तो सभी आरोपी तत्काल पकड़े जा सकते थे। बयान बदलने के कारण जांच कुछ समय तक भटकती रही, जिससे अपराधियों को फरार होने का मौका मिल गया। बावजूद इसके पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पूरे मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया।





