मां के सम्मान में भावनाओं का महोत्सव: फाउंडेशन स्कूल में मातृ दिवस समारोह ने जीता सभी का दिल
स्वरचित कविताओं, गीत-संगीत और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से बच्चों ने मातृत्व को किया नमन, कई माताओं की आंखें हुईं नम


न्यूज़ विज़न। बक्सर
गुरुदास मठिया स्थित फाउंडेशन स्कूल के सभागार में रविवार को मातृ दिवस समारोह का भव्य एवं भावनात्मक समापन समारोह आयोजित किया गया। विद्यालय में यह विशेष आयोजन 7 मई से कक्षावार संचालित हो रहा था, जिसके अंतर्गत विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने अपनी माताओं के प्रति प्रेम, सम्मान, श्रद्धा और संवेदनाओं को विविध गतिविधियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। समापन दिवस पर कक्षा 4 एवं 5 के विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों को भाव विभोर कर दिया।
समारोह की मुख्य अतिथि बक्सर नगर परिषद की चेयरमैन कमरून निशा रहीं। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ा दिया। अपने संबोधन में उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को जीवन में ऐसा कार्य करना चाहिए जिससे उसकी माता को उस पर गर्व हो। उन्होंने माताओं के त्याग, संघर्ष और प्रेम को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए बच्चों से अपने माता-पिता के प्रति सदैव सम्मान एवं संवेदनशीलता बनाए रखने की अपील की। पूरा कार्यक्रम सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से ओत-प्रोत रहा। विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, कविता पाठ एवं लघु नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से मातृत्व की महानता को मंच पर जीवंत कर दिया। कार्यक्रम का सबसे विशेष आकर्षण बच्चों द्वारा लिखी गई स्वरचित पुस्तिकाएँ रहीं। कक्षा 4 एवं 5 के विद्यार्थियों ने अपनी माताओं को समर्पित कविताएं और कहानियां लिखी, जिन्हें सुंदर ढंग से संकलित कर प्रस्तुत किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने इसे बच्चों की लेखन क्षमता, भावनात्मक अभिव्यक्ति और सृजनात्मकता को विकसित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।
विद्यालय के प्राचार्य मनोज त्रिगुण ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत अधिकांश कविताएँ एवं रचनाएँ पूर्णतः स्वरचित थीं। बच्चों ने मंच से अपनी रचनाओं का भावपूर्ण वाचन भी किया, जिसे सुनकर उपस्थित माताएँ भावुक हो उठीं। कई माताओं की आंखें नम हो गईं और उन्होंने अपने बच्चों की प्रतिभा एवं संवेदनशील सोच की मुक्तकंठ से सराहना की। प्राचार्य ने कहा कि विद्यालय परिवार प्रतिवर्ष इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करता है, ताकि प्रारंभिक आयु से ही विद्यार्थियों में पारिवारिक संबंधों, संवेदनाओं और मानवीय मूल्यों के प्रति समझ विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों के भीतर संस्कार, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारियों का भी विकास होना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का सभागार अभिभावकों से खचाखच भरा रहा। सभी माताएँ अपने बच्चों को मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति देते देख गौरवान्वित और प्रसन्न नजर आईं। विद्यालय परिवार और अभिभावकों के बीच आत्मीयता एवं सहयोग का सुंदर वातावरण पूरे समारोह में देखने को मिला।
समारोह के अंत में डॉ. एस. के. दुबे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए अभिभावकों के सहयोग की सराहना करते हुए विद्यालय की पूरी टीम के समर्पण, अनुशासन और मेहनत की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर मीना श्रीवास्तव, बंदना कुमारी, प्रियंका कुमारी, अनुपमा पाठक, अनीता सिंह, आयशा खातून, चंचल श्रीवास्तव, पूजा देवी, रामायण राय, अजय तिवारी, राजीव पाठक, संजीव सिंह सहित विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।





