25 साल बाद मिला न्याय: बक्सर कोर्ट का बड़ा फैसला, शिक्षा विभाग के तीन अधिकारियों पर गिरफ्तारी वारंट जारी
करीब 4 करोड़ रुपये भुगतान नहीं करने पर होगी गिरफ्तारी, पीड़ित शिक्षक विक्रमादित्य बोले—“देर है, अंधेर नहीं”


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर व्यवहार न्यायालय के सिविल जज (जूनियर डिवीजन-1) चन्दन कुमार की अदालत ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी बक्सर संदीप रंजन, प्राथमिक शिक्षा निदेशक पटना विक्रम विरकर तथा माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन राजशेखर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
यह कार्रवाई एक एक्सीक्यूशन केस के तहत की गई है, जिसमें पीड़ित विक्रमादित्य ने अपने लंबे समय से लंबित मामले में न्याय की मांग की थी। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित अधिकारी गिरफ्तारी से बचना चाहते हैं, तो उन्हें पीड़ित को 3 करोड़ 99 लाख 63 हजार 477 रुपये की राशि का भुगतान करना होगा। बताया जाता है कि विक्रमादित्य, जो बुनियादी विद्यालय सरेंजा में नियमित शिक्षक हैं, पिछले लगभग 25 वर्षों से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे थे। कोर्ट के इस फैसले के बाद उनके चेहरे पर संतोष और खुशी साफ झलक रही है।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि “न्यायालय में देर जरूर होती है, लेकिन अंधेर नहीं होता। मैंने 25 साल तक कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाए, आज न्याय मिला है।” यह फैसला न केवल पीड़ित के लिए बड़ी राहत है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर भी एक सख्त संदेश माना जा रहा है।
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