नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को उम्रकैद, पीड़िता को 10 लाख मुआवजा देने का आदेश
ADJ-6 कोर्ट का कड़ा रुख—पोक्सो एक्ट में दोष सिद्ध, 50 हजार जुर्माना व 7 साल अतिरिक्त सजा; पीड़िता को मिलेगा सरकारी प्रतिकर


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर व्यवहार न्यायालय से एक अहम और सख्त फैसला सामने आया है, जहां स्पीडी ट्रायल के तहत चल रहे नाबालिग से दुष्कर्म मामले में न्यायालय ने दोषी को कड़ी सजा सुनाई है। अपर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम सह विशेष न्यायाधीश (ADJ-6) की अदालत ने सिकरौल थाना कांड संख्या 100/23 में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।
मामला सिकरौल थाना क्षेत्र के भदार गांव से जुड़ा है, जहां अशोक सिंह के पुत्र छोटू कुमार पर नाबालिग के साथ दुष्कर्म का आरोप था। न्यायालय ने प्रस्तुत गवाहों की गवाही, साक्ष्य एवं पुलिस अनुसंधान के आधार पर आरोपी को पोक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया। अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में आरोपी को एक वर्ष का साधारण कारावास अतिरिक्त भुगतना होगा। इसके अतिरिक्त भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत 7 वर्ष की कठोर कारावास की सजा भी सुनाई गई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
इतना ही नहीं, पीड़िता के पुनर्वास और सहायता को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने पीड़ित प्रतिकर योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी जारी किया है। इस संबंध में विशेष लोक अभियोजक सुरेश कुमार ने बताया कि यह फैसला स्पीडी ट्रायल के तहत त्वरित न्याय का उदाहरण है, जो समाज में कानून के प्रति विश्वास को और मजबूत करता है। यह फैसला न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में ऐसे अपराधों के प्रति सख्त संदेश भी देता है।





