मुफस्सिल थाना क्षेत्र में मासूम से दुष्कर्म मामले में ऐपवा का सरकार पर हमला—“बिहार में बच्चियां सुरक्षित नहीं”
ऐपवा ने कहा—सरकार अपराध रोकने में नाकाम, दोषियों को मिले कड़ी सजा, परिजनों को धमकाने का आरोप, पास्को एक्ट में स्पीडी ट्रायल की मांग


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के एक गांव में पांच वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश और तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, एक नवनिर्मित मकान से बच्ची के रोने की आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे। वहां बच्ची की हालत देख सभी स्तब्ध रह गए। परिजनों को सूचना मिलने पर बच्ची को तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में दुष्कर्म की पुष्टि की।
इस घटना को लेकर ऐपवा (AIPWA) बक्सर जिला इकाई ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। जिला अध्यक्ष रेखा देवी और जिला सचिव संध्या पाल द्वारा जारी विज्ञप्ति में बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ यौन हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे यह साफ है कि सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में विफल है। ऐपवा नेताओं ने कहा कि जिले में पूर्व में हुई घटनाएं—चाहे किरनी की घटना हो या जहानाबाद की छात्रा का मामला—यह दर्शाता है कि सरकार अपराध पर अंकुश लगाने में असफल रही है। उनका कहना है कि जब तक यौन अपराधियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक ऐसी घटनाओं पर रोक संभव नहीं है।
विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया कि पीड़िता के परिजनों को डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। ऐपवा ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। संगठन ने पास्को एक्ट के तहत स्पीडी ट्रायल चलाकर मुख्य आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा व न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है।





