पानी का संकट: 216 चापाकलों में से 186 अनुपयोगी
नप क्षेत्र में लगभग 70% चापाकल खराब होने से राहगीरों और स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ी


न्यूज विजन। बक्सर
धीरे-धीरे गर्मी अपना रंग दिखाना शुरू कर दी है। गर्मी बढ़ने के साथ सबसे अधिक समस्या पेयजल को लेकर होती है। नगर परिषद क्षेत्र में पेयजल को लेकर आलम यह है कि सरकारी कुल 216 चापाकलों में से 186 अनुपयोगी यानी खराब है। इस मामले में खास यह है कि नगर परिषद भोज के समय कोहड़ा रोपने चली है।
जबकि शहरवासी और राहगीर पेयजल की समस्या से परेशान होने लगे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर परिषद के माध्यम से कराए गए सर्वे के मुताबिक 42 वार्ड में कुल 216 चापाकल लगाया गया है। जिसमें 186 चापाकल खराब हो गया है। इससे लोगों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ज्यादातर चापाकलों के खराब होने से इस बढ़़ी गर्मी में पानी की जरूरते बढ़ने लगी हैै। जिससे लोगों को परेशानी पेयजल के लिए होने लगी है। वजह है कि 70 प्रतिशत पेयजल को लेकर लगा चापाकल खराब ही है।
स्थानीय रमेश कुमार, नंद किशोर चौधरी, संतोष कुमार, रंजन आदि ने कहा कि गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले ही चापाकलों को दुरूस्त करना लेना चाहिए था। ऐसा होता तो लोगों को जल संकट से नहीं जूझना पड़ता। जो चापानल बनने की स्थिति में नहीं है उसके जगह वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए।
खराब चापाकलों को जल्द ही दुरूस्त करने के लिए चार टीमों को लगाया गया है। जिससे कम समय में नगर के लोगों को आवश्यक शुद्ध पेयजल उपलब्द्ध करायी जा सके। इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक ने बताया कि नगर के खराब चापाकलों को चिन्हित कर लिया गया है। जिसे दुरूस्त करने के लिए चार टीमों को लगाया गया है। वहीं हर वार्ड में आवश्यक जगहों पर तत्काल नलजल की पाइप व नल लगाया गया है। जिससे जरूरतमंद लोगों को आवश्यक पेयजल प्रापत हो सके। उन्होंने बताया कि 20 दिनों के भीतर खराब चपाकलों को दुरूस्त करा दिया जाएगा।





