जनता की आवाज : सड़क चौड़ीकरण कार्य बना खतरा, गोलंबर से सिंडीकेट के बीच खुले गड्ढों से हादसे की आशंका


न्यूज़ विज़न। बक्सर
शहर में गोलंबर से लेकर ज्योति चौक तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के तहत नाले का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही अब लोगों के लिए खतरा बनती जा रही है। मुख्य मार्ग पर गोलंबर से सिंडीकेट के बीच कई स्थानों पर करीब एक सप्ताह से नाले के निर्माण के लिए बड़े-बड़े गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। इन गड्ढों को बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के खुले छोड़ देने से राहगीरों में भय का माहौल बना हुआ है और दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी गति और लापरवाही के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में स्थानीय निवासी रौशन गुप्ता, प्रकाश कुमार, आदित्य कुमार और रमेश कुमार ने बताया कि नाले के निर्माण के लिए गड्ढों में डाली गई लोहे की सरिया भी अधूरी हालत में बाहर निकली हुई है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इतना ही नहीं, इन गड्ढों में आसपास के घरों से निकलने वाला गंदा पानी भी भर गया है। पानी जमा होने से वहां बदबू और गंदगी का माहौल बन गया है, जिससे संक्रमण और महामारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।
वहीं इस मार्ग पर स्थित दुकानदारों और व्यवसायियों का कहना है कि सड़क के बीचों-बीच गड्ढे खुले रहने से ग्राहकों का आना-जाना काफी कम हो गया है। इससे उनके व्यवसाय पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। कई दुकानदारों ने बताया कि लोग गड्ढों और कीचड़ की वजह से इस रास्ते से गुजरने से बच रहे हैं। राहगीरों का कहना है कि इस सड़क से रोजाना बड़ी संख्या में बूढ़े, बच्चे और आम लोग गुजरते हैं। ऐसे में खुले गड्ढे और बाहर निकली सरिया किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
स्थानीय नागरिकों और व्यवसायियों ने कहा कि नाले का निर्माण और सड़क चौड़ीकरण निश्चित रूप से शहर के विकास के लिए जरूरी है, लेकिन यदि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई और गड्ढों को इस तरह खुले छोड़ दिया गया तो इससे जानमाल की क्षति भी हो सकती है। लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए और खुले गड्ढों को सुरक्षित तरीके से ढकने के साथ आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और किसी अनहोनी से बचाव हो सके।





