मौसम बदलने के साथ मच्छरों का बढ़ा प्रकोप, फॉगिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति


न्यूज विजन। बक्सर
मौसम में बदलाव होने के साथ ही शहरी क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। चौबीस घंटे कान में मच्छर भनभनाते रहते हैं। लोगों को खुले में बैठना मुश्किल हो गया है। रात में जहां मच्छरदानी लगाए बिना सो नहीं पा रहे वहीं दिन में भी क्वॉयल जलाना पड़ रहा है। स्थानीय मनोज सिन्हा, छोटे चौधरी, बिनोद पांडेय आदि ने कहा कि शहरी क्षेत्र में नियमित फॉगिंग कराया जाय तो मच्छरों और मच्छरजनित बीमारियों से लोगों की जान बच जाएगी। ठंड कम होने के साथ ही मच्छरों की तादाद में बेतहाशा वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि मच्छरों के चलते घर से लेकर दुकान तक लोगों का एक पल चैन से बैठना मुश्किल हो गया है।
अधिकांश लोग मच्छररोधी क्वायल के साथ मच्छरदानी लगाकर लोग बचाव कर ले रहे हैं, लेकिन झुग्गी झोपड़ी व स्लम एरिया के साथ फुटपाथी गरीबों के पास कोई चारा नहीं रहने से वे मलेरिया समेत अन्य मच्छरजनित रोगों की की चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि नगर परिषद कभी कभार मुख्य सड़कों पर फॉगिंग कराती है पर गलियों को भूल जाती है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि मौसम बदलने के साथ ही गंदगी और जलजमाव के चलते मच्छर पनप रहे हैं। मुख्य मार्गों को छोड़ दें तो मुहल्लों की हालत बदतर है। मुहल्लों में नियमित कचरा का उठाव तो होता है, लेकिन कई जगहों पर कचरा का ढेर लगा हुआ है। लोग दिन में भी मच्छरदानी लगाने और क्वॉयल जलाने को विवश हो गये हैं। मच्छरों से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद की ओर से कोई खास इंतजाम नहीं किया जाता है। नियमित रूप से वार्डों के एक-एक गली में फॉगिंग कराया जाय तो मच्छर के हमले से हद तक बचाव हो सकता है।
डॉ संजय कुमार सिन्हा ने कहा कि मच्छरों के डंक मारने से पांच तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि मच्छरों से बचाव के उपाय नहीं किए गये तो डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और गैस्ट्रोएन्टराइटिस जैसे गंभीर बीमारियां फैलने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। जलजमाव और गंदगी के चलते मच्छर पनपते हैं। उन्होंने सलाह दिया कि कोशिश करें की अपने घर के आस पास या मुहल्लों में जलजमाव और गंदगी नहीं हो। इसमें सरकारी संस्था के अलावा आम लोगों को भी सजग होना पड़ेगा।
सभापति कमरून निशा ने कहा कि नगर परिषद के पास संसाधन की कोई कमी नहीं है। नप क्षेत्र में फॉगिंग कराई जा रही है। इस कार्य में और गति लाने का निर्देश संबंधित कर्मचारियों को दिया गया है।





