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शहीद परिवार के घर तक पहुंचने के लिए नहीं है रास्ता, दो वर्षों से जलजमाव में फंसे 20 घर

बक्सर के हितन पड़री गांव में पूर्व सैनिक और सैनिक परिवार बुनियादी सुविधा को तरसे, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
बक्सर जिला अंतर्गत सदर विधानसभा क्षेत्र के खुटाहाँ पंचायत स्थित हितन पड़री गांव के वार्ड संख्या 13 में पिछले दो वर्षों से जलजमाव की गंभीर समस्या बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि करीब 20 घरों का संपर्क मार्ग पूरी तरह बाधित हो चुका है। सबसे अधिक परेशानी पूर्व सैनिक एवं शहीद परिवारों को झेलनी पड़ रही है, जिन्हें आज भी बुनियादी सड़क और जलनिकासी जैसी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

 

गांव निवासी रिटायर्ड सूबेदार ललन तिवारी ने बताया कि लगातार जलजमाव के कारण उनके घर तक आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि परिवार के लोगों को घर से बाहर निकलने के लिए पड़ोसियों के घरों का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और जलनिकासी की समस्या को लेकर कई बार पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। पूर्व सैनिक ललन तिवारी ने भारतीय सेना में लगभग 30 वर्षों तक सेवा देकर देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके परिवार की देशसेवा की परंपरा भी गौरवपूर्ण रही है। उनके बड़े पुत्र स्वर्गीय हवलदार अखिलेश तिवारी देश की सेवा के दौरान शहीद हो गए थे। वहीं दूसरे पुत्र नायक अरविंद तिवारी और छोटे पुत्र हवलदार अरुण तिवारी वर्तमान में भारतीय सेना में कार्यरत हैं और देश की सुरक्षा में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

 

ग्रामीणों का कहना है कि जिस परिवार ने पीढ़ियों तक देशसेवा और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा, आज वही परिवार बुनियादी सड़क सुविधा के अभाव में कठिन जीवन जीने को मजबूर है। लोगों ने इसे प्रशासनिक उदासीनता का उदाहरण बताते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि शहीद एवं सैनिक परिवारों के सम्मान को देखते हुए गांव में अविलंब सड़क निर्माण और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराई जाए, ताकि प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों को राहत मिल सके।

 

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