“नशा मुक्ति : जागरूकता, रोकथाम एवं पुनर्वास” विषय पर सेमिनार का सफल आयोजन


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिला विधिक सेवा प्राधिकार भवन में “नशा मुक्ति: जागरूकता, रोकथाम एवं पुनर्वास” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन मेडिकल सिटी फाउंडेशन द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह- अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, काजल झांब ने सेमिनार का औपचारिक उद्घाटन किया। मंच संचालन न्यायिक पदाधिकारी नेहा त्रिपाठी ने किया इस दौरान न्यायिक पदाधिकारीगण मनोज कुमार, उदय प्रताप सिंह, मनीष कुमार शुक्ला, सुदेश कुमार श्रीवास्तव, संघ के सचिव विंदेश्वरी प्रसाद पाण्डेय, राम नारायण उपस्थित थे। जिला जज ने कहा कि नशा सिर्फ व्यक्ति नहीं बल्कि परिवार एवं पूरे समाज को प्रभावित करता है, नशा पीड़ितों को अपराधी के नजरिए से न देख कर मानसिक बीमार के रूप में देखना चाहिए, तथा जैसे अन्य बीमारियों के लिए अस्पताल का रुख करते हैं, उसी प्रकार इसके लिए भी विशेष रिहैब सेंटर है वहां जाना चाहिए। मेडिकल सिटी फाउंडेशन इस दिशा में अच्छा कार्य कर रही है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव नेहा दयाल ने अपने संबोधन में नशा उन्मूलन में न्यायपालिका की भूमिका तथा प्रभावित व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। सभी न्यायिक पदाधिकारीगण ने प्रकाश डाला कानूनी सहायता एवं पुनर्वास प्रक्रिया पर विशेष प्रस्तुति दी गई, जिसमें नशे से ग्रसित व्यक्तियों के उपचार, परामर्श एवं पुनर्स्थापन की समुचित व्यवस्था पर चर्चा की गई। मनोवैज्ञानिक के. के. पांडेय ने नशे के दुष्प्रभाव, रोकथाम के उपाय एवं उपचार की उपलब्ध सुविधाओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की तथा परिवार की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम का समापन मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के संबोधन तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प लिया। साथ ही नशा मुक्ति पर पोस्टर बना कर लाए गए प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर कार्यक्रम का समापन किया गया, धन्यवाद ज्ञापन फाउंडेशन की स्नेहा कुमारी चौरसिया ने किया।
यह सेमिनार उपस्थित न्यायाधीशगण अनुपमा सिंह, अजीत कुमार शर्मा, कमल कुमार, मनीष कुमार वत्सल, भोला सिंह, गौरव सिंह, मनीष कुमार अन्य न्यायिक पदाधिकारी मौजूद थे। कर्मचारीगण, दीपेश, सुधीर, अजय कुमार, कृष्ण जायसवाल, इंद्रजीत चौबे, मुकेश कुमार खरवार इत्यादि का सराहनीय योगदान रहा।





