पटना फोरलेन हादसे के पीड़ित परिवार के साथ खड़ी हुई रोटरी, डॉ. दिलशाद ने घर पहुंचकर दी सांत्वना
एनएच-922 पर दर्दनाक सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत, मृतक एसएसबी जवान के बच्चों की शिक्षा को लेकर रोटरी ने लिया संकल्प


न्यूज़ विज़न। बक्सर
पटना फोरलेन (एनएच-922) पर रविवार की सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले कृतसागर, ब्रह्मपुर निवासी परिवार के प्रति संवेदना जताने रोटरी क्लब के अध्यक्ष एवं मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय के प्रदेश सचिव डॉ. दिलशाद मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस कठिन घड़ी में रोटरी क्लब परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है।
डॉ. दिलशाद ने कहा कि यह हादसा अत्यंत पीड़ादायक है और इसकी भरपाई संभव नहीं है, लेकिन रोटरी क्लब हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मौके पर आर्थिक सहायता भी प्रदान की और कहा कि मृतक एसएसबी जवान ओमकार पाण्डेय के बच्चों का केंद्रीय विद्यालय में नामांकन कराना रोटरी की पहली प्राथमिकता होगी, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके। इस दौरान रोट्रैक्ट से राहुल एवं रोटरी सचिव एस. एम. साहिल भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि नया भोजपुर थाना क्षेत्र के चंदा गांव के पास रविवार सुबह करीब 5 बजे घने कोहरे और तेज रफ्तार के कारण एक अज्ञात ट्रक ने कार में जोरदार टक्कर मार दी थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई और मौके पर ही चार लोगों की मौत हो गई।
हादसे में मृतकों की पहचान एसएसबी जवान ओमकार पाण्डेय, उनके भाई सुजीत कुमार पाण्डेय, तथा उनकी दो बुआएं—गिरजा देवी (पति अरुण तिवारी, निवासी नेनुआ गांव, डुमरांव थाना) और मंजू देवी (पति धर्मराज ओझा, निवासी भरखरा गांव, ब्रह्मपुर थाना) के रूप में हुई है। चारों आपस में बुआ-भतीजे के रिश्ते में थे और कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के कृतसागर के निवासी थे। परिजनों ने बताया कि 2 फरवरी को एसएसबी जवान ओमकार पाण्डेय की इकलौती बहन मनीषा का तिलक समारोह था, जिसमें शामिल होने के लिए सभी रिश्तेदार एकत्र हुए थे। माघ पूर्णिमा के अवसर पर ओमकार अपने भाई और दोनों बुआओं के साथ रमरेखा घाट गंगा स्नान के लिए बक्सर जा रहे थे। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया।
डॉ. दिलशाद ने इस अवसर पर सरकार से मांग करते हुए कहा कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर हर जगह रिफ्लेक्टर लगाए जाएं, यातायात नियमों को सख्ती से लागू किया जाए और तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण हो, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर लापरवाही अब जानलेवा साबित हो रही है और प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।





