OTHERS

सतुआन संक्रांति पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी

सतुआन संक्रांति पर मंगलवार को गंगा नदी में हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई

न्यूज विजन। बक्सर
सतुआन संक्रांति पर मंगलवार को गंगा नदी में हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। गंगा स्नान के लिए सोमवार को रात से ही श्रद्धालुओं का जत्था ट्रेन से बक्सर पहुंचने लगा था। अहले सुबह से ही गंगा घाटाें पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर के नाथ बाबा घाट, रामरेखा घाट, सती घाट, सिद्धनाथ घाट समेत अन्य प्रमुख घाटों पर गंगा स्नान के लिए महिला-पुरूष श्रद्धालुओं की भीड़ रही। मेष संक्रांति को मनाया जाने वाला सतुआन पर्व जिलेभर में उल्लास के साथ मनाया गया। पंडित विद्याधर मिश्रा ने बताया कि भगवान भास्कर का मीन से मेष राशि में प्रवेश करते हैं और इसी उपलक्ष्य में सतुआन पर्व को मनाया जाता है।

 

गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा अर्चना की। वहीं असहाय और गरीबों के बीच सत्तू, गुड़, पंखा और पानी से भरा मटका का दान किया। गंगा स्नान के बाद लोगों ने घरों में मीठा और नमकीन सत्तू, कच्चा आम और पुदीना की चटनी का प्रसाद ग्रहण किया। सुबह चार बजे से लेकर दिन के दो बजे तक सतुआन पर गंगा स्नान व पूजा अर्चना का सिलसिला जारी रहा। गंगा घाटों के पहुंचपथों पर मेला का नजारा दिखा। सड़क के फुटपाथ पर पूजा सामग्री के अलावा, सत्तू, कच्चा आम, श्रृंगार प्रसाधन सामग्री के अलावा चाट, समोसा और जलेबी की दुकानें सजी थी। सौ से 150 रुपये किलो के भाव से सत्तू और 60 से 80 रुपये किलो कच्चा आम की बिक्री की जा रही थी। गंगा स्नान करने के बाद बच्चों ने समोसा, जलेबी और चाट का आनंद उठाया। वहीं महिलाओं ने दुकानों से श्रृंगार प्रसाधन की सामग्री की खरीदारी की।

 

14 अप्रैल को खरमास खत्म होने के साथ ही विवाह, तिलक, मुंडन संस्कार समेत अन्य मांगलिक कार्य प्रारंभ हो गए। सोमवार को रामरेखा घाट पर श्रद्धालुओं ने बच्चों का मुंडन संस्कार करा दीर्घायु होने की कामना की। इस दौरान उन्होंने गंगा मैया की विधि विधान से पूजा की। पंडित जी, नाई और मल्लाहों को श्रद्धा पूर्वक दान स्वरूप पैसे दिए। रामरेखा घाट मांगलिक गीत, बैंड-बाजा और वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजता रहा।

सतुआन पर गंगा घाट पर होने वाली भीड़ को लेकर प्रशासन तैनात दिखा। सुरक्षा का व्यापक प्रबंध किए गए थे। सभी प्रमुख घाटों पर पुलिस के जवान तैनात किये गये थे। वहीं वीर कुंवर सिंह चौक से रामरेखा घाट की ओर जाने वाले मार्ग में बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित था, ताकि श्रद्धालुओं को गंगा घाट तक पहुंचने में किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं हो। यातायात व्यवस्थित रहे इसके लिए चौक चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी व जवान तैनात थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button