श्रद्धा आश्रम इंग्लिश स्कूल में धूमधाम से मना शिक्षक दिवस, गीत-नृत्य से बच्चों ने बांधा समां
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन कर शिक्षकों के प्रति विद्यार्थियों ने जताया सम्मान, रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन


न्यूज़ विज़न। राजपुर/बक्सर
स्थानीय श्रद्धा आश्रम इंग्लिश स्कूल, जमौली, राजपुर में शिक्षक दिवस के अवसर पर भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को लेकर विद्यालय के छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने पूरे हर्षोल्लास के साथ शिक्षक दिवस मनाते हुए देश के महान शिक्षाविद्, दार्शनिक एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धापूर्वक याद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के निदेशक रवि रंजन चौबे एवं विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उनके व्यक्तित्व और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। समारोह में संस्था के निदेशक रवि रंजन चौबे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ शिक्षक राजेश कुमार, सोनू कुमार पांडे, पूजा कुमारी, आकांक्षा कुमारी, खुशबू कुमारी, निशा कुमारी, प्रियंशु कुमार एवं डब्लू कुमार सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
शिक्षक दिवस के मौके पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने गीत, नृत्य एवं भाषण के माध्यम से अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया। कई प्रस्तुतियों के दौरान तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा विद्यालय परिसर गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में खासा उत्साह नजर आया। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों को गुरु के रूप में सम्मान देते हुए उनके मार्गदर्शन और योगदान के प्रति आभार जताया। समारोह ने गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षा के महत्व का संदेश भी दिया।
विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शिक्षक दिवस समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में उत्सव और उल्लास का माहौल बना रहा। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच आपसी स्नेह एवं सम्मान के भाव को और मजबूत किया।





