असंतुलित उर्वरक के उपयोग से घट रही मिट्टी की उर्वरा शक्ति : डॉ रामकेवल
केविके एवं आत्मा के संयुक्त तत्वाधान में उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का सघन अभियान चलाया गया


न्यूज विजन। बक्सर
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के पूर्वी अनुसंधान परिसर पटना के निदेशक डॉ अनूप दास के निर्देश पर कृषि विज्ञान केंद्र बक्सर एवं आत्मा के संयुक्त तत्वाधान में बक्सर प्रखंड अंतर्गत कमरपुर में उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का सघन अभियान चलाया गया। इसका प्रमुख उद्देश्य कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उर्वरकों के असंतुलित एवं अत्यधिक उपयोग (विशेषकर यूरिया एवं डीएपी) से उत्पन्न हो रही समस्याओं के बारे में जानकारी देना है।
संतुलित उर्वरक उपयोग हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र एवं आत्मा के संयुक्त तत्वावधान में विशेष जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को जागरूक एवं उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना भी प्रमुख उद्देश्य है। साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्र एवं आत्मा के माध्यम से किसानों के बीच संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं फसल उत्पादकता वृद्धि हेतु व्यापक स्तर पर जागरूकता एवं प्रसार गतिविधियां संचालित करना है।
कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ डॉ रामकेवल ने बताया की डीएपी एवं यूरिया के असंतुलित एवं अंधाधुंध प्रयोग के कारण मृदा उर्वरता में ह्रास हो रहा है, मृद जीव निष्क्रिय हो रहे हैं , मिटटी की जलधारण क्षमता घट रही है एवं उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही मृदा की पीएच मान बिगड़ रहा है। इसको ठीक करने के लिए हरी खाद जैसे ढैंचा, मूंग, लोबिया का प्रयोग आवश्यक है।
हर फसल चक्र में दलहनी फसलों को शामिल करना अति आवश्यक है। पट्टी कलर चार्ट के माध्यम से किसानों को यूरिया के संतुलित मात्र में प्रयोग करने के तरीके बताये गए। आत्मा के उप परियोजना निदेशक रणधीर सिंह ने किसानों को सूक्षम पोषक तत्वों जैसे जिंक, बोरोन, आयरन, सल्फर आदि के विषय में विस्तृत जानकारी दी।
कृषि समन्वयक अमरेश कुमार राय ने किसानों को मृदा जांच के आधार पर संतुलित मात्रा में उर्वरको के प्रयोग पर विशेष बल दिया। प्रखंड कृषि अधिकारी अंकित कुमार ने किसानों को नैनो यूरिया के सही मात्रा में फसल में पूरी पत्ती आ जाने पर 500 मिलीलीटर प्रति एकड़ प्रयोग करने की सलाह दिया।
इस अवसर पर प्रखंड तकनीक सहायक रजनीश कुमार, किसान सलाहकार सतेन्द्र भारती, फुल्तारा देवी, माया देवी, बेगम रोजी, रानी देवी, इंदु देवी, मंजू देवी, शांति देवी गुलाब प्रसाद, गुड्डू प्रसाद, उमाशंकर राय आदि मौजूद थे।





