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कुख्यात शेरू सिंह की पत्नी ने मुख्य सचिव से लगाई गुहार, बोलीं- जेल में रची जा रही है पति की हत्या की साजिश

लक्की सिंह ने भागलपुर जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप; न्यायालय में पेशी नहीं कराने, वीडियो कॉल रोकने, खराब भोजन देने और जर्जर बैरक में रखने का लगाया आरोप, 17 बंदियों के आमरण अनशन की भी दी जानकारी । नोट: यह खबर लक्की सिंह द्वारा मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
कुख्यात अपराधी ओंकारनाथ सिंह उर्फ शेरू सिंह की पत्नी लक्की सिंह ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर अपने पति की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शहीद जुब्बा साहनी केंद्रीय कारा, भागलपुर में बंद उनके पति को जेल प्रशासन द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है तथा सुनियोजित तरीके से उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है।

 

मुख्य सचिव को भेजे गए आवेदन में लक्की सिंह ने कहा है कि उनके पति ओंकारनाथ सिंह उर्फ शेर सिंह, जो बक्सर जिले के दुल्लहपुर निवासी हैं, वर्तमान में शहीद जुब्बा साहनी केंद्रीय कारा, भागलपुर में बंद हैं। जेल प्रशासन द्वारा उन्हें न्यायालय में लंबित मामलों में प्रस्तुत नहीं कराया जा रहा है। सुरक्षा गार्ड उपलब्ध नहीं कराने का हवाला देकर न तो उन्हें अदालत ले जाया जा रहा है और न ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल में रहते हुए उनके पति के खिलाफ कई मामलों में प्रोडक्शन वारंट जमा होने के बावजूद संबंधित मामलों में उनका रिमांड नहीं कराया जा रहा है, जिससे उन मामलों की न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि यह न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने जैसा है। लक्की सिंह ने यह भी कहा है कि उनके पति सजायाफ्ता बंदी हैं, लेकिन आज तक उन्हें कमान मार्का नहीं दिया गया है, जिसके कारण उनके रिमिशन (सजा में छूट) की गणना नहीं हो पा रही है। इसके अलावा जब भी वह वीडियो कॉल के माध्यम से अपने पति से बातचीत करने का प्रयास करती हैं, जेल प्रशासन द्वारा बात नहीं कराई जाती।

 

पत्र में जेल प्रशासन पर और भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा है कि उनके पति को जानबूझकर गंदा एवं संक्रमित पानी तथा खराब भोजन दिया जा रहा है ताकि उनकी तबीयत खराब हो जाए। साथ ही उन्हें जेल के पुराने और जर्जर भवन में रखा गया है, जो कभी भी गिर सकता है। उनका आरोप है कि यह सब उनकी हत्या की नीयत से किया जा रहा है। लक्की सिंह के अनुसार, इन समस्याओं के विरोध में उनके पति सहित कुल 17 बंदी 22 जून से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि जेल के कुछ अधिकारियों द्वारा बंदियों से कहा जा रहा है कि “मर जाओगे तो भी कुछ नहीं होगा।” उन्होंने बताया कि 22 जून की सुबह उनके पति ने जेल के पीसीओ से फोन कर उन्हें पूरी स्थिति की जानकारी दी थी। आवेदन में उन्होंने आशंका जताई है कि उनके पति के दुश्मनों के साथ मिलकर कुछ पुलिस और जेल अधिकारी किसी बड़ी साजिश को अंजाम दे सकते हैं तथा उनकी मौत को दुर्घटना का रूप दिया जा सकता है।

 

लक्की सिंह ने मुख्य सचिव से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, जेल में बंद अपने पति की सुरक्षा सुनिश्चित करने, न्यायालय में लंबित मामलों में उनकी पेशी कराने तथा जेल प्रशासन के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों पर जेल प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 

 

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