मध्य विद्यालय बिझौरा की समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने उठाई आवाज, जांच के बाद भी समाधान का इंतजार
जिला शिक्षा पदाधिकारी से शिकायत के बाद मुख्यमंत्री सहयोग पोर्टल पर भी दर्ज कराई शिकायत, 22 अक्टूबर को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने की विद्यालय की जांच

न्यूज़ विज़न। बक्सर
इटाढ़ी प्रखंड क्षेत्र के बिझौरा गांव स्थित मध्य विद्यालय बिझौरा में कथित रूप से व्याप्त विभिन्न समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया है। ग्रामीणों ने विद्यालय की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर पहले जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजा। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर मुख्यमंत्री के सहयोग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के बाद बीते 22 अक्टूबर को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा विद्यालय का निरीक्षण कर मामले की जांच किए जाने की बात सामने आई है।
ग्रामीण विनीत कुमार, उमेश कुमार, मनीष राय, मनोज कुमार, सलीम, राधेश्याम पांडे, बबन चौधरी, सोनू सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने विद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर कई शिकायतें सामने रखी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कक्षा आठ के विद्यार्थियों से स्थानांतरण प्रमाणपत्र अथवा स्थानांतरण की प्रक्रिया के लिए 200 रुपये लिए जाते हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों को शारीरिक दंड दिए जाने की शिकायत भी ग्रामीणों ने की है। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय में निर्धारित समय से पहले कई बार विद्यार्थियों को घर भेजे जाने की शिकायत मिली है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात कही गई है। वहीं, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता एवं उसके वितरण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई अवसरों पर बच्चों को खिचड़ी के साथ चोखा सहित निर्धारित भोजन नहीं दिए जाने की शिकायत सामने आई है।
ग्रामीणों ने विद्यालय की उपस्थिति पंजी की भी जांच कराने की मांग की है। साथ ही शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यालय में उनके नियमित रूप से आने तथा निर्धारित समय तक विद्यालय में रहने की स्थिति की जांच करने की मांग शिक्षा विभाग से की गई है। शिकायतों के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा 22 अक्टूबर को विद्यालय पहुंचकर जांच किए जाने से ग्रामीणों में समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। हालांकि, जांच के बाद विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की गई है, इसकी जानकारी ग्रामीणों को अभी स्पष्ट रूप से नहीं मिली है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर शिकायतों की वास्तविकता सामने लाने तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।




