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“गोवा बीच” बना खतरे का ज़ोन: बक्सर त्रिमुहानी घाट पर धारा 163 लागू, रील बनाने और भीड़ जुटाने पर रोक

दो युवकों की डूबकर मौत के बाद प्रशासन सख्त, एसडीओ अविनाश कुमार ने सुरक्षा के मद्देनज़र जारी किया आदेश

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
बक्सर में सोशल मीडिया पर “गोवा बीच” के नाम से वायरल हो रहा त्रिमुहानी घाट अब प्रशासन की नजर में बेहद संवेदनशील और असुरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। पिछले कुछ दिनों से यहां बढ़ती भीड़ और लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अविनाश कुमार ने बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

 

अनुमंडल कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, सोशल मीडिया पर वीडियो और रील बनाने के बढ़ते चलन के कारण चरित्रवन सेंट्रल जेल रोड के पश्चिमी भाग स्थित त्रिमुहानी घाट पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुट रही थी। खासकर कम उम्र के युवक-युवतियां, परिवार और बच्चे गंगा नदी के रेतीले टीलों और जलधारा में उतरकर वीडियो और रील बना रहे थे। गंगा के इस तट को सोशल मीडिया पर “गोवा बीच” नाम देकर तेजी से वायरल किया जा रहा था, जिसके बाद यहां लोगों की आवाजाही अचानक काफी बढ़ गई। लेकिन इसी बीच रील बनाने के दौरान दो युवकों की गंगा में डूबने से मौत हो गई, जिससे प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया। एसडीओ ने अपने आदेश में कहा है कि गंगा नदी में जलस्तर कम होने के कारण वहां बड़े पैमाने पर बालू के टीले उभर आए हैं, जो देखने में आकर्षक लगते हैं लेकिन बेहद खतरनाक हैं। यह क्षेत्र किसी भी रूप में अधिकृत पर्यटन स्थल नहीं है और यहां सुरक्षा के कोई मानक मौजूद नहीं हैं। ऐसे में भविष्य में और बड़े हादसों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 11 मई से अगले आदेश तक त्रिमुहानी घाट और आसपास के रेतीले इलाकों में धारा 163 लागू कर दी गई है। आदेश के तहत पांच या पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

 

इसके अलावा प्रतिबंधित क्षेत्र में:

रील और वीडियो बनाने पर रोक,
जुलूस और प्रदर्शन पर प्रतिबंध,
ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर रोक,
हथियार एवं आग्नेयास्त्र लेकर चलने पर प्रतिबंध,
धूम्रपान निषेध,
ड्रोन उड़ाने और संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

 

एसडीओ ने नगर थाना और मुफस्सिल थाना के थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं और विधि-व्यवस्था बनाए रखें। प्रशासन के इस फैसले के बाद अब “गोवा बीच” के नाम से चर्चित यह इलाका पूरी तरह प्रशासनिक निगरानी में आ गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं की जाती तो यहां और भी बड़े हादसे हो सकते थे।

वीडियो देखें :

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