डेढ़ माह बाद भी वकील पासी की मौत की गुत्थी अनसुलझी, परिजनों ने डुमरांव थाने का किया घेराव
पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल, थानाध्यक्ष और अनुसंधानकर्ता को निलंबित करने की मांग; पोस्टमार्टम रिपोर्ट व फॉरेंसिक जांच के इंतजार में जांच

न्यूज़ विज़न। डुमरांव/बक्सर
डुमरांव के चर्चित वकील पासी की रहस्यमय मौत का मामला डेढ़ माह बाद भी सुलझ नहीं सका है। पुलिस की जांच से असंतुष्ट मृतक के परिजनों और अनुसूचित जाति समाज के दर्जनों लोगों ने गुरुवार को सामाजिक कार्यकर्ता सुशील पासी के नेतृत्व में डुमरांव थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने, पीड़ित परिवार को जांच की अद्यतन स्थिति से अवगत नहीं कराने और संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया।
हाथों में संविधान की प्रति, बाबा साहेब सहित अन्य महापुरुषों की तस्वीरें और मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर पहुंचे महिला-पुरुषों ने मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि वकील पासी की सुनियोजित तरीके से हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को कांव नदी में फेंका गया था। शव बरामद होने के बाद से ही मृतक की बेटी राबड़ी देवी सहित अन्य परिजन हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बेटी ने कहा- पुलिस ने नहीं दी जांच की जानकारी
मृतक की बेटी राबड़ी देवी ने थाने के गेट पर कहा कि उनके पिता की साजिश के तहत हत्या की गई है। घटना के बाद ही पुलिस को संदिग्धों के बारे में जानकारी दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस न तो दोबारा बयान लेने पहुंची और न ही परिवार को जांच की प्रगति की जानकारी दी गई।
जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो चक्काजाम की चेतावनी
घेराव का नेतृत्व कर रहे सुशील पासी ने आरोप लगाया कि उनके समाज के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि मामले में पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिलने पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं की गई, तो पूरे शहर में चक्काजाम किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने लापरवाही बरतने के आरोप में थानाध्यक्ष और केस के अनुसंधानकर्ता को निलंबित करने की मांग भी की।
वेसरा और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा और केस के अनुसंधानकर्ता एसआई मतेन्द्र कुमार ने बताया कि वेसरा सुरक्षित रखे जाने के कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। वेसरा और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वकील पासी की मौत हादसा थी या हत्या। फिलहाल, डेढ़ माह बाद भी मौत की वजह स्पष्ट नहीं होने से परिजनों में नाराजगी है। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।




