खेल दिवस पर बिझौरा में शतरंज और कैरम प्रतियोगिता, खिलाड़ियों ने दिखाया उत्साह
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जीवनी पर हुई चर्चा, बिहार की खेल नीति पर भी मंथन


न्यूज़ विज़न। बक्सर
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मेजर ध्यानचंद खेल क्लब, बिझौरा के तत्वावधान में शतरंज एवं कैरम बोर्ड खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में स्थानीय खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खेल दिवस के मौके पर आयोजित इन प्रतियोगिताओं को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम की जानकारी मेजर ध्यानचंद खेल क्लब बिझौरा के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कराटे चैंपियन अश्वनी कुमार मौर्य ने दी। उन्होंने बताया कि क्लब का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को खेलों से जोड़ना तथा उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे अनुशासन, आत्मविश्वास, एकाग्रता और टीम भावना का भी विकास होता है।
मेजर ध्यानचंद की जीवनी पर हुई चर्चा
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर कार्यक्रम में हॉकी के महान खिलाड़ी एवं ‘हॉकी के जादूगर’ मेजर ध्यानचंद के जीवन, संघर्ष और खेल उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि मेजर ध्यानचंद ने अपनी असाधारण प्रतिभा और समर्पण से भारतीय हॉकी को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई। उनका जीवन आज भी देश के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम में मौजूद खिलाड़ियों और युवाओं को मेजर ध्यानचंद के जीवन से प्रेरणा लेते हुए खेल के क्षेत्र में निरंतर मेहनत करने का संदेश दिया गया।
बिहार की खेल नीति पर भी मंथन
कार्यक्रम के दौरान बिहार सरकार की खेल नीतियों और राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार, खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा प्रतिभावान खिलाड़ियों को उचित मंच देने की आवश्यकता पर विचार-विमर्श किया गया। इस चर्चा में टीचर संजय कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रतिभाएं मौजूद हैं। आवश्यकता इस बात की है कि इन प्रतिभाओं को उचित प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराया जाए।
खेलों को बढ़ावा देने का संकल्प
शतरंज और कैरम प्रतियोगिता के आयोजन के माध्यम से क्लब ने खेलों के प्रति युवाओं में रुचि बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्र में खेल संस्कृति को मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में खिलाड़ियों, आयोजकों और खेल प्रेमियों ने मेजर ध्यानचंद के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए खेलों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने और नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। मेजर ध्यानचंद खेल क्लब की इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की गई और खिलाड़ियों ने भविष्य में भी इस तरह की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की उम्मीद जताई।





