बिहार में बढ़े निबंधन शुल्क पर कांग्रेस का हमला, कहा– गरीबों पर बढ़ाया जा रहा आर्थिक बोझ


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बिहार में निबंधन शुल्क वृद्धि और पिछले कई दिनों से रजिस्ट्री कार्य प्रभावित रहने को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। जिला कांग्रेस कमेटी (ओबीसी प्रकोष्ठ) के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार मौर्य ने कहा कि जिस राज्य की बड़ी आबादी आज भी गरीबी, बेरोजगारी और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही हो, वहां आम लोगों पर अतिरिक्त राजस्व का बोझ डालना जनहित के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि बक्सर निबंधन कार्यालय में 23 जून से 1 जुलाई तक रजिस्ट्री कार्य प्रभावित रहने के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर लोग अपनी जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निबंधन शुल्क बढ़ाकर लोगों की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। विनोद कुमार मौर्य ने कहा कि बिहार के लाखों लोग रोजगार की तलाश में गुजरात, महाराष्ट्र, मुंबई सहित देश के अन्य राज्यों में रहते हैं। वे सीमित समय के लिए अपने घर लौटकर जमीन की रजिस्ट्री, मकान निर्माण, दुकान खोलने, बच्चों की फीस जमा करने और शादी-विवाह जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाते हैं। लेकिन निबंधन कार्यालय में कामकाज बाधित रहने से उनकी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
कांग्रेस नेता ने निबंधन विभाग के मंत्री मदन साहनी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि सरकार को पहले निबंधन व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करना चाहिए। इसके बाद ही किसी प्रकार की शुल्क वृद्धि पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब राज्य की जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं संबंधित विभाग से मांग की कि लंबित रजिस्ट्री कार्यों का शीघ्र निष्पादन कर निबंधन प्रक्रिया को सामान्य बनाया जाए तथा निबंधन शुल्क वृद्धि के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। इस मौके पर किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष संजय पांडे उर्फ मुन्ना पांडे तथा कांग्रेस नेता एवं आम जन अधिकार मंच के संयोजक संजय दुबे उर्फ पप्पू दुबे भी उपस्थित रहे।
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